आज दिनांक 12 मार्च 2026 को विकास आयुक्त, बिहार श्री मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय और महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में सभी प्रमुख तेल एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे, जबकि राज्य के सभी कमिश्नर, डीआईजी , आईजी, जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से शामिल हुए। बैठक को विकास आयुक्त, डीजीपी,अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग द्वारा संबोधित किया गया।
बैठक के दौरान सभी तेल और गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि राज्य में कहीं भी गैस आपूर्ति की कोई समस्या नहीं है। उनके पास पर्याप्त मात्रा में भंडार उपलब्ध है और पाइप गैस लाइन में भी किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी पूर्णतः निर्बाध रूप से चल रही है और आने वाले दिनों में भी इसकी कोई कमी नहीं होगी।
विकास आयुक्त ने जानकारी दी कि राज्य में कुल गैस आपूर्ति का लगभग 98% हिस्सा घरेलू गैस सिलेंडरों (Domestic LPG) का होता है, जबकि 2% से भी कम आपूर्ति व्यावसायिक (Commercial) उपयोग के लिए है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बिहार सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सुचारू रूप से चलती रहे। इसमें कहीं कोई कमी नहीं है।
वर्तमान की स्थिति को देखते हुए, एहतियाती कदम के रूप में कमर्शियल गैस आपूर्ति को सीमित किया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी प्रकार की गैस आपूर्ति नहीं रोकी जाएगी; उन्हें शत-प्रतिशत आपूर्ति मिलती रहेगी।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने बताया कि सर्वर पर अत्यधिक लोड के कारण उपभोक्ताओं को ओटीपी (OTP) मिलने में परेशानी हो रही थी। इसके समाधान के लिए कंपनी ने निर्णय लिया है कि अब गैस डिलीवरी के लिए ओटीपी की आवश्यकता नहीं होगी।
विकास आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जहां भी गैस की जमाखोरी या कालाबाजारी की सूचना मिले, वहां तत्काल और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, सुचारू वितरण सुनिश्चित करने के लिए गैस वितरकों (Distributors) को हर चार से पांच दिनों में एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में शिफ्ट किया जाएगा।
जनता को लगातार यह आश्वस्त किया जाना चाहिए कि राज्य में गैस, पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है। आम अवाम से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक और गलत सूचनाओं को नजरअंदाज करें। सभी जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिलों के आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों पर सही और सटीक जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराएं ताकि जनता तक तथ्यों पर आधारित सूचना पहुंचती रहे।













