- आज करगिल में ₹25 करोड़ की लागत से 10,000 लीटर प्रतिदिन दूध प्रोसेसिंग क्षमता वाले डेयरी प्लांट का शिलान्यास हुआ है
- करगिल की महिलाएं इस डेयरी प्लांट के माध्यम से अपने परिवार की मदद कर सकती हैं और आत्मनिर्भर बन सकती हैं
- आज EMCS ऐप का भी शुभारंभ हुआ है, जिससे दुग्ध उत्पादक पारदर्शिता के साथ दूध का हिसाब-किताब एक ही ऐप पर देख सकेंगे
- लद्दाख मिल्क फेडरेशन और मदर डेयरी के बीच हुए MoU से लद्दाख के दुग्ध उत्पादों की देश के बाजारों तक पहुंच बढ़ेगी
- 2014-15 में भारत का कुल दूध उत्पादन 146 मिलियन टन था, जो आज 70% बढ़कर 248 मिलियन टन हो गया है
- लद्दाख में पश्मीना, ऑर्गेनिक उत्पादों और शहद के लिए आगामी दिनों में सहकारी संस्थाएं बनाई जाएंगी
- मोदी सरकार ने लेह-लद्दाख और करगिल की UT की मांग पूरी की, जिससे पहले की तुलना में छह गुना अधिक, यानी ₹6000 करोड़, इसके विकास पर खर्च किए जा रहे हैं
- मोदी सरकार ने लद्दाख में 5 नए जिलों और 5 आधिकारिक भाषाओं को मान्यता देने का कार्य किया
- मोदी सरकार द्वारा स्थापित सिंधु इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन से आने वाले दिनों में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी
- भारत पर जब-जब सीमा पार से संकट आया, तब-तब सबसे पहले लद्दाख के लोगों ने सीने पर गोली खाकर उसका मजबूती से सामना किया
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज लद्दाख के लेह में केन्द्रशासित प्रदेश के लिए विभिन्न डेयरी अवसंरचना एवं सहकारी पहलों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री श्री एस पी सिंह बघेल एवं श्री जॉर्ज कुरियन तथा लद्दाख के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा दिए गए सहकारिता मॉडल के तहत आज लद्दाख में ढेर सारे कार्यक्रम एक साथ हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज करगिल जैसी ऊंची जगह पर 10 टीएलपीडी क्षमता वाले डेयरी प्लांट का शिलान्यास हुआ है, जिसकी क्षमता 10,000 लीटर दूध प्रतिदिन प्रोसेस करने की है। करगिल की महिलाएं डेयरी प्लांट के माध्यम से अपने जीवन में उजाला ला सकती हैं, परिवार की मदद कर सकती हैं और आत्मनिर्भर भी बना सकती हैं। श्री शाह ने कहा कि वे एक ऐसे प्रदेश से आते हैं जहाँ की महिलाओं ने ऐसी ही छोटी-छोटी डेयरियों के माध्यम से 1,25,000 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल किया है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से इतनी संभावना है कि यहां की महिलाएं अपने परिवार और बच्चों की अच्छी पढ़ाई-लिखाई में योगदान कर सकें। श्री शाह ने कहा कि 25 करोड़ की लागत से जिस नई परियोजना की शुरुआत होने जा रही है, वह निश्चित रूप से करगिल की माताओं-बहनों के लिए शुभंकर साबित होगी। सहकारिता मंत्री ने कहा कि लेह में पहले से काम कर रहे मिल्क प्लांट में प्रतिदिन उत्पादन की व्यवस्था शुरू हो रही है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि लद्दाख में आईटीबीपी और सेना बहुत बड़े खरीददार हैं। यहां सीमा पर 18,000 जवान रहते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आईटीबीपी और सेना की दूध, दही और पनीर की जरूरत इस प्लांट से पूरी होगी। श्री शाह ने कहा कि 45 लाख रुपए की लागत से एक मोबाइल प्रयोगशाला भी लॉन्च की गई है, जिससे दूध की क्वालिटी के रखरखाव में बहुत फायदा होगा। उन्होंने कहा कि एंड्रॉइड आधारित AMCS ऐप का शुभारंभ भी हुआ है, जिससे हमारे दुग्ध उत्पादक पशुपालक पारदर्शिता के साथ अपने दूध का हिसाब-किताब एक ही ऐप पर देख पाएंगे। इससे दुग्ध उत्पादक पशुपालकों के मन में आत्मविश्वास भी जागृत होगा। उन्होंने कहा कि आज जिन पाँच पशुपालकों को पुरस्कृत किया गया वे करगिल और लेह के सभी पशुपालकों के लिए प्रेरणा का रूप हैं।
श्री अमित शाह ने कहा कि लद्दाख मिल्क फेडरेशन और मदर डेयरी ने एक समझौता किया है। इससे लद्दाख को देश के बाजार के साथ जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने कहा कि लद्दाख के ऑर्गेनिक उत्पादों को दिल्ली का बड़ा बाजार मिलना चाहिए। श्री शाह ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) से आग्रह किया कि वह इसके लिए नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक लिमिटेड को साथ लेकर एक त्रिपक्षीय एमओयू करें। उन्होंने कहा कि मदर डेयरी के प्रोडक्ट तो यहां बेचे ही जाएं, साथ ही मदर डेयरी अन्य सहकारी संस्थाओं के माध्यम से यहां के प्रोडक्ट की भी देश भर में मार्केटिंग की व्यवस्था करे।
केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि हम लद्दाख में डेयरी अवसंरचना का विस्तार करने जा रहे हैं। लेह में आने वाले दिनों में 70 करोड़ रुपए की लागत से 50,000 लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाला एक नया संयंत्र स्थापित किया जाएगा। वह लेह में बढ़ने वाली संभावनाओं का तो दोहन करेगा ही, साथ ही करगिल में लगाए जा रहे संयंत्र से दूध बढ़ने पर दोनों क्षेत्रों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। यहां के मौसम के अनुरूप अच्छी नस्ल की गाय और भैंस उपलब्ध कराने का काम होगा। लगभग हर साल अच्छी नस्ल की 500 गाय और भैंसे यहां उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे दूध का उत्पादन बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि लद्दाख काफी ठंडा प्रदेश है, यहां ऑक्सीजन की भी कमी होती है। इसलिए रिसर्च करके यहाँ के मौसम में ढल सकने वाले पशु स्थानीय लोगों को दिए जाएंगे। श्री शाह ने कहा कि आगामी 10 साल में पशुओं की संख्या में लगभग तीन गुनी बढ़ोतरी करने की योजना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस योजना को लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा। श्री शाह ने कहा कि लद्दाख मिल्क फेडरेशन और एनडीडीबी में समझौता होने के बाद यह नेटवर्क 28 गांवों तक पहुंचा है और लगभग 1700 दुग्ध उत्पादक इससे जुड़े हैं। उन्होंने एनडीडीबी के अध्यक्ष से कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा गांवों में, जहां पशुपालन संभव हो, वहां एनडीडीबी की पहुँच होनी चाहिए और उन्हें इन सभी पशुपालकों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास करना चाहिए।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि यहाँ दैनिक दूध की खरीद लगभग 7000 किलोलीटर तक पहुंची है। इसे अगले चार साल में 21,000 किलोलीटर तक पहुंचाकर यहां के किसानों की समृद्धि के लिए हमें आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज एक डेयरी प्लांट का उन्नयन और पुनरुद्धार भी किया गया। पांच टीएलडीपी से बढ़ाकर इसकी क्षमता 10 टीएलडीपी कर दी गई साथ ही सेना के साथ एमओयू से इसे निश्चित रूप से फायदा होगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि 2014 में मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पूरे देश के पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के परिदृश्य में बहुत बड़ा बदलाव आया है।पशुपालन विभाग में कई क्रांतिकारी बदलाव आए हैं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि 2014-15 में भारत का कुल दूध उत्पादन 146 मिलियन टन था। आजादी से लेकर 2014-15 तक मतलब 70 साल में 146 मिलियन टन हुआ और 2014-15 से लेकर 2024-25 तक 146 मिलियन टन से बढ़कर 248 मिलियन टन हो गया। मतलब 70% वृद्धि केवल 10 साल में हुई और उसमें से 50% वृद्धि पिछले 5 साल में हुई है।उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 2013-14 में 307 ग्राम थी, जो अब 485 ग्राम हो गई है।
उन्होंने कहा कि देश भर में कुल 2,36,000 सहकारी समितियों और लगभग 2 करोड़ दूध उत्पादकों के माध्यम से भारत ने यह उपलब्धि प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि हमने 5 साल में 75,000 नई दूध समितियां बनाने का लक्ष्य रखा हैऔर 46,000 मौजूदा समितियों को आधुनिक व सक्षम बनाने का भी प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 75,000 में से 21,000 नई समितियां बनाने का काम हो चुका है।
केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि लद्दाख के प्रशासन से आग्रह है कि लद्दाख के हर गांव, जहां दूध उत्पादन और पशुपालन की संभावना है, का दोहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां पश्मीना, ऑर्गेनिक उत्पादों और शहद से संबंधित सहकारी संस्थाओं को भी सहकारिता विभागआने वाले दिनों में जमीन पर उतारेगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि लेह-लद्दाख और करगिल की बहुत पुरानी मांग थी कि इसे केन्द्र शासित प्रदेश(UT) बनाया जाए। UT बनाने की मांग का मूल कारण था कि यहां विकास नहीं होता था। गृह मंत्री ने कहा कि 2019 में लद्दाख को UT बनाने के बाद अब सात जिले और 193 पंचायतें हो गई हैं। पांच नए जिले — शाम, नुब्रा, चांगथांग, जास्कर और द्रास — हाल ही में अधिसूचित हुए हैं। यहां की स्थानीय भाषा को भी प्रशासन की भाषा बनाया गया है। भोगी, पुर्गी, ऊर्दू, हिंदी और अंग्रेजी के साथ स्थानीय भाषाओं को महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि 2019 से पहले इस UT में 1,800 किलोमीटर सड़कें थीं, आज 4,040 किलोमीटर हो गई हैं। 19 पुल थे, आज 72 पुल बन चुके हैं। मोबाइल टावर 344 थे, आज 653 हो गए हैं। हेलीपैड 7 थे, आज 41 हो गए हैं। बर्फ हटाने वाली मशीनें पहले 7 थीं, आज 215 हैं। ग्रिड से जुड़े गांव 145 थे, आज 184 हो गए हैं। डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर पहले 1,182 थे, आज 3,153 हो गए हैं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का फोकस लद्दाख पर रहा है और यहाँ ढेर सारे विकास के काम हुए हैं। श्री शाह ने कहा कि जोजिला दर्रा साल में 127 दिन बंद रहता था, इस बार सिर्फ 19 दिन बंद रहा। कारगिल-जांस्कर मार्ग 154 दिन बंद रहता था, वह सिर्फ 11 दिन बंद रहा। बर्फ हटाने वाली मशीनों और अन्य संरचनाओं के कारण बहुत बड़ा फर्क पड़ा है।जोजिला सुरंग का काम प्रगति पर है और सिंकुला सुरंग का काम शुरू हो चुका है। नया नागरिक हवाई अड्डा भी बनने का काम चालू हो गया है। VSAT कनेक्टिविटी सभी पंचायतों में कर दी गई है और 4G टावरों में परिवर्तन का महत्वपूर्ण काम भी हुआ है। सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना हुई है। 174 आईसीटी लैबस्थापित किए गए हैं और 230 स्मार्ट क्लास भी बनाए गए हैं। 40 खगोल विज्ञान लैब बनाई गई हैं। 24 अटल टिंकरिंग लैब बनी हैं और लद्दाख 2024 में पूर्ण साक्षर बनने वाला प्रशासनिक यूनिट बन गया है। यहां अब कोई अनपढ़ नहीं है।हर घर जल योजना में लगभग 98% घरों को कनेक्ट किया गया है। कृषि और बागवानी के लिए भी बहुत सारा काम हुआ है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इन विकास के कामों के साथ यहां के लोगों को सहकारिता और नए अवसरों को भी स्वीकारना पड़ेगा, तभी हम काम को आगे बढ़ा पाएंगे। उन्होंने कहा कि लद्दाख का बजट लगभग 6,000 करोड़ रुपए हो चुका है। लद्दाख जब जम्मू-कश्मीर का हिस्सा था, तब मात्र 1,000 करोड़ रुपए खर्च होता था। आज भारत सरकार 6,000 करोड़ रुपए खर्च कर रही है।
श्री अमित शाह ने कहा कि हमने सिंधु इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की स्थापना की है, जो औद्योगिक विकास के लिए आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण योगदान करेगा।हम चाहते हैं कि यह सीमांत प्रदेश आत्मनिर्भर बने। उन्होंने कहा कि वह लद्दाख और करगिल के वासियों का धन्यवाद करते हैं। भारत पर जब-जब इस सीमा से संकट आया, लद्दाख वालों ने अपने सीने पर गोली खाई और देश की रक्षा की। श्री शाह ने कहा कि भारत स्काउट का इतिहास कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक पूरा देश जानता है।लद्दाख के लोगों की देशभक्ति, देश की सुरक्षा और इस बहुत बड़े भू-भाग को भारत के साथ जोड़े रखने की तत्परता — भारत का हर नागरिक इसकी प्रशंसा करता है और भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुएलद्दाख के लोगों के प्रति कृतज्ञ भी है।









