• About us
  • Contact us
Saturday, May 9, 2026
30 °c
New Delhi
37 ° Sun
39 ° Mon
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ‘भारत रत्न’ दिए जाने की मांग की थी, पर भाजपा सरकार ने नहीं मानी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

News Desk by News Desk
March 24, 2026
in देश
शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ‘भारत रत्न’ दिए जाने की मांग की थी, पर भाजपा सरकार ने नहीं मानी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
Share on FacebookShare on Twitter

अमित पांडे: संपादक

हुसैनीवाला (फिरोजपुर), 23 मार्च 2026: फिरोजपुर के हुसैनीवाला में शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस के अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शहीदों के सम्मान में उनके सपनों का ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए यहां ऐतिहासिक राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया गया और 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हुसैनीवाला विरासत परिसर का शिलान्यास किया गया।

देश के महान क्रांतिकारियों की गौरवशाली विरासत को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह अवसर केवल उन वीरों के बलिदान को याद करने का ही नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और अन्याय के खिलाफ खड़े होने के दृढ़ संकल्प को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का भी है। उन्होंने शहीदों की महान सोच के अनुरूप पंजाब और देश की सेवा करने के अपने संकल्प को दोहराया और साथ ही इन महान स्वतंत्रता सेनानियों को अब तक भारत रत्न (सर्वोच्च सम्मान) न दिए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आज़ादी के शुरुआती वर्षों में यदि देश की बागडोर ऐसे साहसी युवाओं के हाथों में होती तो भारत की तस्वीर कुछ और ही होती।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इस देश के लालची और स्वार्थी नेताओं ने जीवित रहते हुए अपने नाम पर स्टेडियम बनवा लिए, लेकिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव जैसे सच्चे शहीदों को सम्मानित करने के लिए आज तक कोई आगे नहीं आया।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “इन महान क्रांतिकारियों ने कम उम्र में अपनी जान कुर्बान कर दी, लेकिन आज़ादी के बाद सत्ता के लालचियों ने कुर्सी पर कब्जा कर लिया और खून बहाकर हासिल की गई आज़ादी का श्रेय खुद ले लिया, जिसके लिए उन्होंने कभी संघर्ष भी नहीं किया।”

उन्होंने कहा, “शहीद राजगुरु, शहीद सुखदेव और शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को याद करने के लिए केवल फूल ही रह गए, जबकि अन्य लोग आज़ादी की विरासत का झूठा दावा कर प्रमुख बन गए।” मुख्यमंत्री ने कहा, “उन महान योद्धाओं को चुप कराने के लिए ही उन्हें जल्द फांसी दी गई थी, क्योंकि लोग उनके निडर विचारों के पीछे इकट्ठा होने लगे थे।”

महंगी कीमत पर मिली आज़ादी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कोई कल्पना भी नहीं कर सकता कि हमारी आज़ादी कितनी महंगी थी—विभाजन के दौरान लगभग 10 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई और लाखों लोग विस्थापित हुए।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे बुजुर्गों ने बहुत बलिदान दिए, लेकिन सत्ताधारी इस पीड़ा को समझने में असफल रहे हैं, क्योंकि उन्हें शहीदों की कुर्बानियों से बना तैयार देश विरासत में मिला।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ कृतघ्न नेता अब यह दावा कर रहे हैं कि भारत को वास्तविक आज़ादी केवल 2014 में मिली, जो हमारे शहीदों का घोर अपमान है।” उन्होंने कहा, “यह हैरान करने वाली बात है कि कुछ लोग शहीद भगत सिंह को केवल एक ‘समाज सेवक’ के रूप में प्रस्तुत करते हैं, उन्हें शहीद नहीं मानते। ऐसे प्रमाण पत्र देने वाले ये लोग कौन हैं?”

लोगों से शहीदों से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, “आज का दिन इन महान नायकों को याद करने, उनकी प्रेरणादायक कहानियों को पढ़ने और सुनने का है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।”

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राजनीतिक प्राथमिकताएं लंबे समय से गलत रही हैं। उन्होंने कहा, “राजनीतिक नेताओं ने अपने खुद के बुत लगवाए और जीवित रहते हुए अपने नाम पर स्टेडियम बनवाए, लेकिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव जैसे महान शहीदों का सम्मान करने के बारे में किसी ने नहीं सोचा।”

उन्होंने आगे कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमें मोहाली हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखने के लिए भी संघर्ष करना पड़ा, क्योंकि केंद्र सरकार ने बार-बार हमारी मांगों को नजरअंदाज किया, लेकिन अंततः हमारी लगातार कोशिशों से हम इसे उनके सम्मान में नामित करने में सफल रहे।

उन्होंने आगे कहा कि हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जा रहा है, जिन्हें शहीद भगत सिंह अपना गुरु मानते थे।

उन्होंने कहा कि यदि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह 1952 के पहले आम चुनावों के बाद प्रधानमंत्री बन जाते, तो आज देश की तस्वीर पूरी तरह अलग होती। आज नेपाल में 35 वर्षीय युवा प्रधानमंत्री बन गया है। यदि यहां भी युवाओं को नेतृत्व सौंपा जाता, तो भारत विश्व में अग्रणी राष्ट्र बनता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों की याद केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग भगत सिंह को केवल उनके जन्म या शहादत दिवस पर याद करते हैं, जबकि वे केवल एक परिवार के नहीं, बल्कि पूरे देश के हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम उनके आदर्शों पर चलें, तो पंजाब को फिर से समृद्ध बनने से कोई नहीं रोक सकता।

उन्होंने कहा कि हमारा इतिहास बलिदानों से भरा हुआ है और हमारे महान गुरुओं ने हमेशा हमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़े होना सिखाया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम इन बलिदानों को भूलते जा रहे हैं। हम परीक्षाओं के लिए तथ्य तो याद रखते हैं, लेकिन उनके विचारों को समझने में असफल रहते हैं।

इस महान शहीद के जीवन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने अपने व्यक्तिगत जीवन से ऊपर क्रांति का मार्ग चुना और अपनी सगाई के दिन भी घर छोड़ दिया।

उन्होंने कहा कि उन्हें दुख होता है जब लोग वाहनों पर उनकी तस्वीर लगाकर कहते हैं कि वे वापस आएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लौटने का इंतजार करने के बजाय हमें उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए और देश की सेवा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में बम और हथियारों की जरूरत नहीं है, बल्कि वोट की ताकत सबसे बड़ी शक्ति है और सही नेताओं का चुनाव करके लोग वास्तविक बदलाव ला सकते हैं।

लोगों से संकल्प लेने की अपील करते हुए उन्होंने कहा, “आइए हम शहीदों के मार्ग पर चलने और अपने हाथों से अपने पंजाब का निर्माण करने का संकल्प लें।” उन्होंने कहा कि हुसैनीवाला की यह पवित्र भूमि, जहां भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का अंतिम संस्कार अंग्रेजों द्वारा किया गया था, पीढ़ियों को निःस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस पवित्र स्थल पर आकर देश की आज़ादी के लिए 23 वर्ष की आयु में बलिदान देने वाले शहीद को श्रद्धांजलि देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के सपनों को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी और देश हमेशा उनका ऋणी रहेगा।

उन्होंने कहा कि इन शहीदों के बलिदान ने अनगिनत युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने के लिए प्रेरित किया और आगे भी लाखों लोगों को निःस्वार्थ देश सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने युवाओं से एक प्रगतिशील और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए उनके मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने हुसैनीवाला विरासत परिसर का शिलान्यास करते हुए कहा कि 24.99 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्रोजेक्ट हमारे महान शहीदों को श्रद्धांजलि देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी विरासत को संरक्षित करने का एक विनम्र प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य हुसैनीवाला में विरासत क्षेत्र का विकास करने के साथ-साथ पंजाब में पर्यटन को बढ़ावा देना भी है।

इस परियोजना का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस परिसर में एक भव्य प्रवेश द्वार, शहीदों के जीवन को समर्पित गैलरी, भित्ति चित्र, पार्कों और स्मारक स्थलों का सौंदर्यीकरण और लैंडस्केपिंग शामिल होगी। इसके अलावा ऐतिहासिक घटनाओं से संबंधित थीम आधारित चित्र, पुराने पुल पर 3-डी मैपिंग शो, एक म्यूजिकल फाउंटेन, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, वरिष्ठ नागरिकों के लिए आराम स्थल, ऑन-ग्रिड सोलर पावर प्लांट और स्वच्छ पेयजल के लिए आरओ प्लांट भी स्थापित किया जाएगा।

Tags: Punjab CM StatementRajguru Sukhdev Bharat Ratnaभगत सिंह भारत रत्नभगवंत मान बयानशहीद भगत सिंह न्यूज
Previous Post

दूसरा मौका: भगवंत मान सरकार द्वारा पुनर्वास और रोजगार में सहायता देने से नशा विरोधी अभियान के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए

Next Post

पाँच दिन की मोहलत: क्या यह समाधान है?

Related Posts

Bhagwant Mann Akal Takht statement: मुख्यमंत्री ने कहा, विनम्र सिख के रूप में श्री अकाल तख़्त साहिब के समक्ष उपस्थित होऊँगा
देश

Bhagwant Mann Akal Takht statement: मुख्यमंत्री ने कहा, विनम्र सिख के रूप में श्री अकाल तख़्त साहिब के समक्ष उपस्थित होऊँगा

January 5, 2026
मिशन चढ़दीकला’ को पंजाब का जन-जन समर्थन! CM भगवंत मान बोले- ‘अटूट विश्वास और हिम्मत से राज्य बढ़ेगा आगे’
देश

मिशन चढ़दीकला’ को पंजाब का जन-जन समर्थन! CM भगवंत मान बोले- ‘अटूट विश्वास और हिम्मत से राज्य बढ़ेगा आगे’

October 31, 2025
Next Post
पाँच दिन की मोहलत: क्या यह समाधान है?

पाँच दिन की मोहलत: क्या यह समाधान है?

New Delhi, India
Saturday, May 9, 2026
Mist
30 ° c
52%
7.9mh
42 c 32 c
Sun
44 c 33 c
Mon

ताजा खबर

बेअदबी के दोषियों को बचाने वाले पुराने शासक जल्द सलाखों के पीछे होंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

वतन की खातिर सबसे ज्यादा जानें कुर्बान करने वाले पंजाबियों पर देश विरोधी होने का ठप्पा लगा रही है भाजपा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

May 8, 2026
आइजोल में पहली बार क्षेत्रीय सहकारी सम्मेलन: पूर्वोत्तर में लागू होगी दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना

आइजोल में पहली बार क्षेत्रीय सहकारी सम्मेलन: पूर्वोत्तर में लागू होगी दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना

May 8, 2026
आप सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने अमित शाह के नाम पर आए कथित तौर पर संदिग्ध कॉल पर जताई चिंता

आप सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने अमित शाह के नाम पर आए कथित तौर पर संदिग्ध कॉल पर जताई चिंता

May 8, 2026
भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत कैशलेस इलाज से पंजाब में 5000 से अधिक दिल के मरीजों की जान बचाई गई

भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत कैशलेस इलाज से पंजाब में 5000 से अधिक दिल के मरीजों की जान बचाई गई

May 8, 2026
विदेश मंत्रालय की बड़ी पहल: 24 से 26 मई तक मधेपुरा में लगेगा पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर, घर के पास मिलेगी पासपोर्ट सुविधा

विदेश मंत्रालय की बड़ी पहल: 24 से 26 मई तक मधेपुरा में लगेगा पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर, घर के पास मिलेगी पासपोर्ट सुविधा

May 8, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved