• About us
  • Contact us
Saturday, July 11, 2026
31 °c
New Delhi
37 ° Sun
38 ° Mon
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home संपादकीय

बिहार चुनाव 2025: महागठबंधन में नेतृत्व की उलझन और एनडीए में सीटों का संग्राम

News Desk by News Desk
October 8, 2025
in संपादकीय
बिहार चुनाव 2025: महागठबंधन में नेतृत्व की उलझन और एनडीए में सीटों का संग्राम
Share on FacebookShare on Twitter

अमित पांडे: संपादक

बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्म है। 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख गठबंधन—महागठबंधन (INDIA Bloc) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA)—अपने-अपने अंतर्विरोधों से जूझ रहे हैं। एक ओर विपक्षी खेमे में नेतृत्व और सीट बंटवारे को लेकर असमंजस गहराता जा रहा है, वहीं सत्ता पक्ष में भी वर्चस्व की जंग थमने का नाम नहीं ले रही। हर पार्टी की मंशा साफ है—साथ रहकर भी खुद को “बड़ा” साबित करना।


नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को बयान देकर इस राजनीतिक सरगर्मी को और हवा दे दी। उन्होंने कहा, “हम जल्द ही बिहार में सीट शेयरिंग को लेकर बैठक करने जा रहे हैं। हमारे सहयोगी दलों से बातचीत जारी है।” यह बयान ऐसे समय आया है जब महागठबंधन के भीतर तालमेल को लेकर सवाल उठने लगे हैं। राजद (RJD), कांग्रेस और वामपंथी दलों के इस गठबंधन से मतदाता “एकजुटता” की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन भीतर से समीकरण कुछ और कहानी कह रहे हैं।


कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी बिहार की 243 सीटों में से लगभग 70 सीटों पर दावा ठोक रही है, यह कहते हुए कि उसका प्रभाव क्षेत्र किशनगंज, भागलपुर और औरंगाबाद जैसे जिलों में मजबूत है। लेकिन तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली राजद अपनी प्रमुखता बनाए रखना चाहती है और अधिकांश सीटों पर दावा करने की तैयारी में है। यही वजह है कि कांग्रेस अब खुलकर “साझा नेतृत्व” की मांग कर रही है। एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा कि “गठबंधन किसी एक व्यक्ति का शो नहीं हो सकता। इसमें सभी दलों की हिस्सेदारी और गरिमा बनी रहनी चाहिए।”


दूसरी तरफ, महागठबंधन के भीतर “मुख्यमंत्री चेहरा” तय करने को लेकर भ्रम की स्थिति है। राजद यह स्पष्ट कर चुकी है कि उसका चेहरा तेजस्वी यादव ही होंगे, जबकि कांग्रेस और वामदल किसी एक व्यक्ति को आगे लाने से बच रहे हैं। इससे यह संदेश जा रहा है कि विपक्षी एकता के दावे अब राजनीतिक स्वार्थों की बुनियाद पर खड़े हैं, विचारधारा के आधार पर नहीं।


उधर, सत्तारूढ़ एनडीए में भी सब कुछ सुचारू नहीं है। जेडीयू (JD-U) और भाजपा (BJP) के बीच सीट बंटवारे को लेकर तनाव खुलकर सामने आ चुका है। भाजपा 2024 लोकसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन के आधार पर विधानसभा में ज्यादा सीटों की मांग कर रही है, जिससे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की परंपरागत पकड़ कमजोर पड़ती दिख रही है। वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) भी अपने हिस्से की सीटों को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है और संकेत दे चुकी है कि यदि “सम्मानजनक हिस्सेदारी” नहीं मिली तो वह स्वतंत्र रूप से मैदान में उतरेगी।


राजनीतिक विश्लेषक प्रो. नवल किशोर का कहना है कि यह पूरा खेल “अहंकार बनाम विचारधारा” का है। उनके अनुसार, “हर दल चाहता है कि वह गठबंधन में बड़ा दिखे। नतीजा यह हो रहा है कि दोनों गठबंधनों के भीतर एकता का भाव कमजोर हो रहा है और सीटों की राजनीति हावी है।”
दरअसल, बिहार की राजनीति में गठबंधन अब वैचारिक साझेदारी से ज्यादा सत्ता-साझेदारी का गणित बन चुके हैं। महागठबंधन के नेता भाजपा विरोध के नाम पर एक मंच पर तो आ रहे हैं, परंतु उनके बीच “कौन मुख्यमंत्री बनेगा” का सवाल एक बार फिर राजनीतिक अस्थिरता का संकेत दे रहा है। इसी तरह एनडीए में भाजपा की बढ़ती ताकत और नीतीश कुमार की घटती पकड़ यह दिखा रही है कि सत्ता में बने रहना जितना जरूरी है, उतना ही कठिन भी।


जनता के लिए यह चुनाव केवल दलों का नहीं बल्कि विश्वसनीय नेतृत्व और पारदर्शी शासन की तलाश का होगा। मतदाता अब यह समझ चुके हैं कि “विकास” के नारों के पीछे राजनीतिक दलों का असली उद्देश्य सत्ता की पकड़ मजबूत करना है। इसलिए इस बार का चुनाव यह तय करेगा कि बिहार में “एकता” की राजनीति सच में जनहित के लिए है या केवल कुर्सी की खातिर बना एक अस्थायी समझौता।

Tags: bihar election 2025Congress BiharMahagathbandhanNDA Seat SharingNitish KumarPolitical Crisis BiharTejashwi Yadav
Previous Post

पंजाब सरकार की ऐतिहासिक सफलता! 100% पुराने केस खत्म, ₹1.29 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित

Next Post

क्या व्रत की अनुमति भी अब न्यायालय से लेनी होगी?

Related Posts

">
JDU Leadership Change: बिहार की राजनीति में नए युग की शुरुआत! नीतीश कुमार के बाद कौन संभालेगा JDU? विधायकों ने तय कर लिया नाम
देश

JDU Leadership Change: बिहार की राजनीति में नए युग की शुरुआत! नीतीश कुमार के बाद कौन संभालेगा JDU? विधायकों ने तय कर लिया नाम

April 20, 2026
बिहार : नीतीश युग का अंत और नई चुनौतियाँ
संपादकीय

बिहार : नीतीश युग का अंत और नई चुनौतियाँ

March 6, 2026
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद जेडीयू कार्यालय में बवाल, कार्यकर्ताओं ने की तोड़फोड़ और नारेबाजी
देश

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद जेडीयू कार्यालय में बवाल, कार्यकर्ताओं ने की तोड़फोड़ और नारेबाजी

March 5, 2026
बिहार में अकल्पनीय चुनाव परिणाम के 21 ठोस कारण
संपादकीय

बिहार में अकल्पनीय चुनाव परिणाम के 21 ठोस कारण

November 24, 2025
मोकामा हत्याकांड में पूर्व विधायक अनंत सिंह गिरफ्तार, पटना कोर्ट ने भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
अभी-अभी

मोकामा हत्याकांड में पूर्व विधायक अनंत सिंह गिरफ्तार, पटना कोर्ट ने भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

November 3, 2025
क्यों बदल गया बिहार का मूड? जन सुराज के उभार से लेकर बीजेपी की रणनीति तक, अंदर की पूरी तस्वीर
देश

क्यों बदल गया बिहार का मूड? जन सुराज के उभार से लेकर बीजेपी की रणनीति तक, अंदर की पूरी तस्वीर

October 31, 2025
Next Post
क्या व्रत की अनुमति भी अब न्यायालय से लेनी होगी?

क्या व्रत की अनुमति भी अब न्यायालय से लेनी होगी?

New Delhi, India
Saturday, July 11, 2026
Mist
31 ° c
66%
12.6mh
42 c 33 c
Sun
42 c 34 c
Mon

ताजा खबर

दिल्ली की बसों में सफर करने वाली महिलाओं के लिए बड़ा अपडेट, 1 अगस्त से बंद हो रही यह सुविधा

दिल्ली की बसों में सफर करने वाली महिलाओं के लिए बड़ा अपडेट, 1 अगस्त से बंद हो रही यह सुविधा

July 11, 2026
Bihar IAS Transfer: बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! 10 IAS समेत 21 अफसरों का एक साथ तबादला, कई जिलों के DDC और SDO बदले गए

Bihar IAS Transfer: बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! 10 IAS समेत 21 अफसरों का एक साथ तबादला, कई जिलों के DDC और SDO बदले गए

July 11, 2026
Delhi NCR में अपना घर या दुकान लेने का सुनहरा मौका, GDA नीलाम कर रहा 19 योजनाओं के प्लॉट

Delhi NCR में अपना घर या दुकान लेने का सुनहरा मौका, GDA नीलाम कर रहा 19 योजनाओं के प्लॉट

July 11, 2026
इंडियन पोटाश लिमिटेड और जैन इरिगेशन सिस्टम्स लिमिटेड ने गुजरात में सतत गन्ना खेती को बढ़ावा देने के लिए किया समझौता (MoU)

इंडियन पोटाश लिमिटेड और जैन इरिगेशन सिस्टम्स लिमिटेड ने गुजरात में सतत गन्ना खेती को बढ़ावा देने के लिए किया समझौता (MoU)

July 10, 2026
Assam Budget 2026: एक से ज्यादा शादी की तो बंद हो जाएंगी सरकारी सुविधाएं, जा सकती है सरकारी नौकरी भी

Assam Budget 2026: एक से ज्यादा शादी की तो बंद हो जाएंगी सरकारी सुविधाएं, जा सकती है सरकारी नौकरी भी

July 10, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved