मुख्य सचिव, बिहार, श्री प्रत्यय अमृत द्वारा आज राज्य की महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं—उत्तर कोयल जलाशय परियोजना, मंडई वीयर परियोजना और गंगा नदी पर निर्माणाधीन ताजपुर-बख्तियारपुर ग्रीनफील्ड पुल की साप्ताहिक समीक्षा बैठक की गई। बैठक में परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, आ रही बाधाओं और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने उत्तर कोयल परियोजना की समीक्षा के दौरान गया जी के जिलाधिकारी को सख्त निर्देश दिए कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले या धीमी गति से कार्य करने वाले संवेदकों पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता हो, तो साइट पर श्रमिकों की संख्या और खुदाई के यंत्रों में वृद्धि की जाए।
मंडई वीयर परियोजना की प्रगति को गति देने के लिए मुख्य सचिव ने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया कि वे अपने पदाधिकारियों को जिलों में सक्रिय रूप से तैनात करें। विभाग द्वारा सूचित किया गया कि 30 कनीय अभियंताओं को विशेष रूप से जहानाबाद में प्रतिनियुक्त किया गया है। ये अभियंता घर-घर जाकर रैयतों से संवाद करेंगे और उन्हें भू-अर्जन के बदले मिलने वाली मुआवजा राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया में सहायता करेंगे।

पथ निर्माण विभाग द्वारा गंगा नदी पर निर्माणाधीन ताजपुर-बख्तियारपुर ग्रीनफील्ड पुल पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। विभाग ने आश्वस्त किया कि निर्माण कार्य संतोषजनक ढंग से चल रहा है और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से ‘फील्ड विजिट’ करने का निर्देश दिया ताकि जमीनी स्तर पर किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक समस्या का तुरंत समाधान हो सके।
बैठक में जल संसाधन विभाग, पथ निर्माण विभाग, योजना एवं विकास विभाग, वित्त विभाग, और संबंधित ज़िलाधिकारीगण अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उपस्थित रहे।













