अररिया: नशा मुक्त बिहार अभियान के तहत जीविका दीदियों ने लिया संकल्प, समाज को बचाने की ठानी
अररिया जिले में नशा मुक्त बिहार अभियान के तहत जीविका दीदियों और ग्रामीण महिलाओं ने समाज को नशे से बचाने के लिए शपथ ली और जागरूकता फैलाई।

बिहार के अररिया जिले में नशे के खिलाफ एक बड़ी मुहिम छेड़ी गई है। 'नशा मुक्त बिहार अभियान' के तहत अब ग्रामीण इलाकों की महिलाएं और जीविका दीदियां आगे आकर समाज को इस बुराई से मुक्त कराने में जुटी हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे के घातक परिणामों के प्रति जागरूक करना और एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना है।
इसी कड़ी में शनिवार को पलासी प्रखंड के सोहंदर हाट स्थित नारी विश्वास सीएलएफ में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में जीविका दीदियों और स्थानीय महिलाओं ने हिस्सा लिया। महिलाओं ने न केवल नशे के विरुद्ध एकजुट होकर आवाज उठाई, बल्कि यह शपथ भी ली कि वे अपने घर, परिवार और पूरे समाज को नशामुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगी।
गांव-गांव पहुंच रही जागरूकता की गूंज
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे सामाजिक जागरूकता फैलाने के साथ-साथ खुद को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाएंगी, ताकि वे देश और समाज के विकास में अपना सक्रिय योगदान दे सकें। यह अभियान केवल एक जगह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिले के अन्य प्रखंडों में भी इसका असर देखा गया।
बता दें कि रानीगंज प्रखंड के तीन सीएलएफ (अंचल, लक्ष्य और संगम) और सिकटी प्रखंड के चार सीएलएफ (संग्राम, नव ज्योति, उत्साह और गगन) में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन इलाकों में ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए प्रभात फेरी निकाली गई, जिसके जरिए नशे के दुष्परिणामों और नशामुक्त जीवन के फायदों के बारे में बताया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी ग्रामीणों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई और पूरे जिले को नशे से मुक्त करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।