विजय शेखर शर्मा ने दिया इस्तीफा, पीपीबीएल बोर्ड का पुनर्गठन

Wasim26 February 20242 min read0 viewsव्यापार

मुंबई 26 फरवरी (कड़वा सत्य) पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) के अध्यक्ष पद से श्री विजय शेखर शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है और बैंक के निदेशक मंडल का पुनर्गठन किया गया है।
पीपीबीएल ने बीएसई काे आज सूचित किया कि वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (ओसीएल) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक बोर्ड से अपना नामांकित व्यक्ति वापस ले लिया और विजय शेखर शर्मा ने अंशकालिक गैर-कार्यकारी अध्यक्ष और बोर्ड सदस्य के रूप में इस्तीफा दे दिया। पीपीबीएल के भविष्य के व्यवसाय का नेतृत्व एक पुनर्गठित बोर्ड द्वारा किया जाएगा।
ओसीएल के सहयोगी, पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष श्री श्रीनिवासन श्रीधर, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी देबेंद्रनाथ सारंगी, बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व कार्यकारी निदेशक डेस्क कुमार गर्ग और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रजनी सेखरी सिब्बल बोर्ड में शामिल की गयी है। वे हाल ही में स्वतंत्र निदेशक के रूप में शामिल हुए हैं।
बयान में कहा गया है कि ओसीएल अपने नामांकित व्यक्ति को हटाकर केवल स्वतंत्र और कार्यकारी निदेशकों वाले बोर्ड को चुनने के पीपीबीएल के कदम का समर्थन करता है। कंपनी को अलग से सूचित किया गया है कि विजय शेखर शर्मा ने भी इस बदलाव को सक्षम करने के लिए पेटीएम पेमेंट्स बैंक के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। अब नए अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जायेगी।
पीपीबीएल के एमडी और सीईओ सुरिंदर चावला ने कहा,“हम श्री श्रीनिवासन श्रीधर, श्री देबेंद्रनाथ सारंगी, श्री डेस्क कुमार गर्ग की नियुक्ति का स्वागत करते हैं और श्रीमती रजनी सेखरी सिब्बल को बोर्ड में शामिल करना, पीपीबीएल की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनकी विशिष्ट विशेषज्ञता हमारी शासन संरचनाओं और परिचालन मानकों को बढ़ाने, अनुपालन और सर्वोत्तम प्रथाओं के प्रति हमारे समर्पण को और मजबूत करने की दिशा में हमारा मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण होगी।”
श्री श्रीधर ने कहा, “ मैं बैंक को उसकी अनुपालन सेवाओं की सीमा का विस्तार करने के लिए अपनी व्यापक बैंकिंग विशेषज्ञता का उपयोग करने के लिए समर्पित हूं। यह सुनिश्चित करना मेरा लक्ष्य है कि पीपीबीएल नियामक ढांचे और सर्वोत्तम प्रथाओं के कड़ाई से पालन में, हितधारकों को असाधारण मूल्य प्रदान करने में नए मानक स्थापित करते हुए, नियामक अनुपालन का एक आदर्श बन जाए।”
शेखर

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