वर्ष 2027-28 में भारत दुनियी की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था: सीतारमण

Wasim10 January 20242 min read0 viewsव्यापार

गांधीनगर 10 जनवरी (कड़वा सत्य) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में सक्षम है और वित्त वर्ष 2027-28 तक भारतीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पांच लाख करोड़ डॉलर को पार कर जाएगी।
वित्त मंत्री ने वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में विकसित गुजरात रोडमैप 2047 के लॉन्च के मौके पर कहा, “भारत के लोगों ने कोविड के बाद की चुनौतियों का सामना किया और लचीलापन बनाया।” वित्त मंत्री ने कहा कि 2014 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के सत्ता में आने के बाद केंद्र और राज्यों के बीच संबंध लेन-देन के बजाय साझेदारी के हो गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र विकास को एक साझेदारी के रूप में देख रहा है जहां राज्यों की ताकत का लाभ उठाया जाता है।
उन्होंने कहा, “यह भागीदारी दृष्टिकोण हमें 2047 तक एक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य देता है और सरकार की महत्वाकांक्षी विकासशील भारत योजना के तहत भारत का लक्ष्य 2047 तक 30 लाख करोड़ डॉलर की विकसित अर्थव्यवस्था बनना है।”
वर्ष 2047 तक भारतीय अर्थव्यवस्था के 30 लाख करोड़ डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है।”
श्री सीतारमण ने कहा, “ 2014 से मोदी सरकार को दृष्टिकोण सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद के साथ-साथ सहयोगात्मक संघवाद का रहा है। विकसित भारत के विकास के लिए राज्य एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।”
वित्त मंत्री ने कहा कि विकसित भारत के पंच प्रण (पांच संकल्प) में अतीत की औपनिवेशिक मानसिकता को दूर करना भी शामिल है। उन्होंने अंत्योदय अन्न योजना और स्वनिधि योजना सहित सरकार की छह से सात प्रमुख योजनाओं का भी उल्लेख किया जिसके तहत रेड़डी पटरी वालों को 57 लाख ऋण दिए गए हैं।
उन्होंने वित्तीय समावेशन पर सरकार के फोकस को भी रेखांकित किया और कहा कि वर्ष 2014 में 15 करोड़ बैंक खाते थे जिसकी संख्या अभी 50 करोड़ के पार पहुंच गयी है। उन्होंने कहा कि पिछले 23 वर्षों में भारत को 919 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है, जिसमें से 65 प्रतिशत या 595.25 अरब डॉलर पिछले आठ वर्षों में आया है।
शेखर

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