सिडबी और पीएमबीआई ने जन औषधि केंद्रों के लिए शुरू किया क्रेडिट सहायता कार्यक्रम

Wasim12 March 20242 min read0 viewsव्यापार

नयी दिल्ली, 12 मार्च (कड़वा सत्य) प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेज ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई) ने जनऔषधि केन्द्रों को कार्यशाील पूंजी उपलब्ध कराने और अगले दो वर्षाें में खुलने वाले 15 हजार नये केन्द्रों को शुरू करने के लिए आवश्यक पूंजी के साथ ही कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के लिए भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के साथ मिलकर क्रेडिट सहायता कार्यक्रम शुरू करने की मंगलवार को घोषणा की।
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने यहां जन औषधि केंद्रों के लिए इस ऋण सहायता कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उनकी मौजूदगी में सिडबी और पीएमबीआई के बीच समझौता ज्ञापन आदान-प्रदान किया गया। उन्होंने जन औषधि केंद्रों को ऋण सहायता के लिए एक वेबसाइट भी लॉन्च की। इस मौके पर उन्होंने सिडबी द्वारा कार्यशील पूंजी प्राप्त राजधानी के पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार में जनऔषधि केन्द्र का संचालन करने वाली श्रीमती संगीता राज को प्रशंसा प्रमाण पत्र से सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने इस ऋण सहायता कार्यक्रम को सफल बनाने में शामिल व्यक्तियों को भी सम्मानित किया।
इस मौके पर पीएमबीआई के सीईओ रवि दाधीच और सिडबी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक शिवसुब्रमण्यम रमन के साथ ही पीएमबीआई एवं सिडबी के अधिकारियों के अलावा वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग और रसायन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
जन औषधि केंद्र चलाने वाले उद्यमियों को चालान-आधारित वित्तपोषण की सुविधा प्रदान करने और उन्हें स्टोर की ढांचागत स्थापना के लिए सहायता प्रदान करने के लिए सिडबी और पीएमबीआई ने आज दो समझौते किये। जन औषधि केंद्रों को कार्यशील पूंजी सहायता प्रदान करने के लिए एक पायलट क्रेडिट कार्यक्रम के सफल समापन के बाद लगभग 11,000 मौजूदा और प्रस्तावित 15,000 जन औषधि केंद्रों को कार्यशील पूंजी की ऋण सुविधा प्रदान करने के लिए आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया है। सिडबी दो लाख रुपये तक की क्रेडिट सीमा के लिए परियोजना ऋण की पेशकश करेगा। अत्यंत प्रतिस्पर्धी और किफायती ब्याज दर पर कार्यशील पूंजी के रूप में और आसान पुनर्प्राप्ति प्रक्रिया के साथ काम करेगा। व्यवसाय करने में आसानी सुनिश्चित करते हुए पूरा पारिस्थितिकी तंत्र डिजिटल मोड पर काम करेगा।
दूसरे समझौता ज्ञापन में परियोजना लागत का 80 प्रतिशत यानी चार रुपये तक के वित्त पोषण की परिकल्पना की गई है जो आकर्षक ब्याज दर और आसान पुनर्भुगतान शर्तों पर जन औषधि केंद्र की स्थापना के प्रारंभिक चरण में सहायक सहायता के रूप में फर्नीचर और फिक्स्चर, कंप्यूटर, एसी, रेफ्रिजरेटर आदि पर खर्च की सुविधा प्रदान करेगा। सिडबी ने दो समझौतों के माध्यम से इन सूक्ष्म और लघु उद्यमों को धन वितरित करते समय जीएसटी-सहाय प्रौद्योगिकी मंच का उपयोग करने का प्रस्ताव दिया है और यह पूरी योजना के लिए एक बड़ा बढ़ावा होगा। दो संगठनों यानी सिडबी और पीएमबीआई के एक साथ आने से, यह आगामी उद्यमियों के लिए वित्तपोषण की सुविधा प्रदान करेगा, जो निश्चित रूप से जन औषधि केंद्रों के पहले से ही लोकप्रिय नेटवर्क के माध्यम से सस्ती और गुणवत्ता वाली दवाएं प्रदान करने के अपने उद्देश्य में सरकार के प्रयासों का लाभ उठाएगा।
शेखर,आशा
जारी

Share:

Comments

Leave a comment