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दिल्ली में 'वोट बचाओ' रैली की तैयारी, त्योहारों पर व्यापार ठप होने के डर से व्यापारियों ने जताई चिंता

दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की 'वोट बचाओ' रैली को लेकर व्यापारियों ने जताई चिंता, 10 हजार करोड़ के नुकसान का दावा।

Sonu Nigam· 29 Oct, 7:43 AM · 2 मिनट
दिल्ली में 'वोट बचाओ' रैली की तैयारी, त्योहारों पर व्यापार ठप होने के डर से व्यापारियों ने जताई चिंता

राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की एक विशाल 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली होने जा रही है। इस रैली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, इस मेगा इवेंट को लेकर दिल्ली के व्यापारियों में भारी बेचैनी है। व्यापारियों का मानना है कि दिवाली और धनतेरस जैसे बड़े त्योहारों के समय इस रैली से व्यापार पर बुरा असर पड़ेगा, जिससे उन्हें करोड़ों का नुकसान हो सकता है।

चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने इस संबंध में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर अपील की है कि रैली की तारीख आगे बढ़ा दी जाए। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल का कहना है कि यह समय साल का सबसे बड़ा शॉपिंग सीजन होता है, जिसमें दिल्ली के बाजारों में करीब 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। उनका दावा है कि रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली और Kashmiri Gate जैसे 21 थोक बाजार बुरी तरह प्रभावित होंगे, जिससे शहर को लगभग 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। व्यापारियों ने यह भी याद दिलाया कि पिछले प्रदर्शनों के कारण उन्हें पहले ही 3,000 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा था।

पुलिस की सख्त शर्तें और सुरक्षा इंतजाम

दिल्ली पुलिस ने रैली के लिए एनओसी (NOC) तो दे दी है, लेकिन साथ ही कड़ी शर्तें भी लागू की हैं। पुलिस के निर्देशानुसार:

  • रैली शाम 5:00 बजे तक खत्म हो जानी चाहिए और मैदान को तुरंत खाली करना होगा।
  • मैदान में रात को रुकने की अनुमति नहीं होगी।
  • प्रवेश, निकास, स्टेज और बैठने की जगहों पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे, जिनकी निगरानी एक कंट्रोल रूम से की जाएगी।
  • जाति, धर्म या रंग के आधार पर कोई भी भड़काऊ भाषण देने पर पाबंदी रहेगी, अन्यथा साउंड सिस्टम बंद कर दिया जाएगा या वक्ता को हटा दिया जाएगा।
  • भीड़ नियंत्रण के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती और महिलाओं के लिए अलग स्वच्छता सुविधाओं का इंतजाम करना होगा।

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस करीब 3,500 जवानों को तैनात करेगी और पूरे मैदान को 14 जोन में बांटा गया है। वहीं, इस विवाद पर राजनीति भी तेज है। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने व्यापारियों की चिंता को खारिज करते हुए कहा कि 10 लाख लोगों के आने से होटलों, रेस्टोरेंट्स और ट्रांसपोर्ट सेवाओं का बिजनेस बढ़ेगा। दूसरी ओर, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आयोजन स्थल पर निर्माण कार्य में बाधा डाली, जिसे पुलिस ने गलत बताया है।

बता दें कि यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनों की एक कड़ी है। व्यापारियों ने राहुल गांधी से 20 मिनट की मुलाकात की मांग की है ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान की गंभीरता समझाई जा सके।

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