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गोली लगने से 19 महीने के चीते की मौत, सुरक्षा प्रोटोकॉल की होगी गहन जांच

मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क के बाहर गोली लगने से 19 महीने के चीते की मौत हो गई है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने हाई-लेवल जांच के आदेश दिए हैं।

Sonu Nigam· 28 Oct, 10:02 AM · 2 मिनट
 गोली लगने से 19 महीने के चीते की मौत, सुरक्षा प्रोटोकॉल की होगी गहन जांच

मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां एक 19 महीने के नर चीते (KNG22) की मौत हो गई। इस घटना ने 'प्रोजेक्ट चीता' की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चीते की मौत का कारण उसके शरीर में मिली बंदूक की गोलियां (पेललेट्स) बताई जा रही हैं, जिसके बाद केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक हाई-लेवल केंद्रीय टीम को जांच के लिए मध्य प्रदेश भेजा है।

जानकारी के मुताबिक, यह चीता 'चीता निर्वा' का बच्चा था। 25 अक्टूबर को यह कुनो नेशनल पार्क के संरक्षित क्षेत्र से बाहर मुरैना के क्षेत्रीय जंगलों में घायल अवस्था में मिला था। मध्य प्रदेश वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इसे शिवपुर क्षेत्रीय वन मंडल से रेस्क्यू किया और जबलपुर स्थित पशु चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया। वहां उसकी आपातकालीन सर्जरी की गई, जिसके दौरान उसके शरीर से पांच गोलियां बरामद हुईं। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर आंतरिक चोटों के कारण 27 अक्टूबर को इस दुर्लभ वन्यजीव ने दम तोड़ दिया।

सुरक्षा प्रोटोकॉल की होगी गहन जांच

केंद्र सरकार ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है क्योंकि प्रोजेक्ट चीता देश के लिए एक महत्वपूर्ण मिशन है। जांच के लिए भेजी गई केंद्रीय टीम में नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) के महानिरीक्षक (वन), वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) के अतिरिक्त निदेशक और क्षेत्रीय उप निदेशक शामिल हैं। यह टीम मौके पर जाकर सबूतों की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि आखिर संरक्षित क्षेत्र के बाहर चीता कैसे पहुंचा और उसे किसने गोली मारी।

राज्य सरकार ने भी इस मामले में वन और पुलिस अधिकारियों की एक स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गठित की है, जिसके साथ केंद्रीय टीम तालमेल बिठाकर काम करेगी। टीम न केवल इस मौत की जांच करेगी, बल्कि यह भी देखेगी कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सही तरीके से हो रहा था या नहीं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। जांच पूरी होने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें मंत्रालय को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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