ACP और SHO के तबादले पर भड़के पुलिसकर्मी, दिल्ली PHQ पर प्रदर्शन की तैयारी
ACP और SHO के तबादलों से नाराज दिल्ली पुलिस कर्मी PHQ पर प्रदर्शन कर सकते हैं, पुलिस मुख्यालय ने अलर्ट जारी किया।

दिल्ली पुलिस के भीतर इस समय भारी तनाव देखा जा रहा है। दो वरिष्ठ अधिकारियों के अचानक हुए तबादलों से नाराज पुलिसकर्मी आज, 2 नवंबर 2026 को पुलिस मुख्यालय (PHQ) पर जोरदार प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। यह पूरा विवाद शाहदरा पुलिस स्टेशन में पुलिस और वकीलों के बीच हुई एक झड़प से शुरू हुआ था, जिसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सभी डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCPs) और यूनिट प्रमुखों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्हें आदेश दिया गया है कि वे अपने मातहत कर्मचारियों पर कड़ी नजर रखें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पुलिसकर्मी मुख्यालय पर इकट्ठा न हो। मुख्यालय इस संभावित विरोध प्रदर्शन को रोकने की पूरी कोशिश कर रहा है।
क्या है पूरा विवाद और क्यों हुए तबादले?
तनाव की जड़ें 23 अक्टूबर 2026 की एक घटना में छिपी हैं। शाहदरा थाने में पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें आरोप लगा कि वकील ललित बंसल के साथ मारपीट की गई। वकीलों का आरोप था कि पुलिस ने न केवल उचित कार्रवाई करने में लापरवाही बरती, बल्कि कानूनी पेशेवरों के खिलाफ ही जवाबी मामला दर्ज कर दिया। इतना ही नहीं, वकीलों ने एसीपी (ACP) मनस्वी वशिष्ठ पर रिवॉल्वर तानने और धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया था।
इस घटना के बाद दिल्ली की जिला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। दबाव बढ़ता देख दिल्ली पुलिस ने 28 अक्टूबर को प्रशासनिक कदम उठाए। गांधी नगर के एसीपी मनस्वी वशिष्ठ का तबादला स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर विमेन एंड चिल्ड्रन (SPUWAC) में कर दिया गया, जबकि शाहदरा थाना प्रभारी (SHO) अरुण कुमार को सिक्योरिटी यूनिट भेज दिया गया। इन तबादलों के बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी, लेकिन अब पुलिसकर्मियों में इस फैसले को लेकर नाराजगी है।
दूसरी ओर, एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपने समर्थकों का आभार जताया है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को एक पत्र लिखकर 'संपर्क सभा' की मांग की है, ताकि 23-24 अक्टूबर की घटनाओं और अपने तबादले के कारणों पर चर्चा की जा सके। फिलहाल, दिल्ली पुलिस के प्रतिनिधियों और बार एसोसिएशनों के बीच समन्वय बिठाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन पुलिसकर्मियों का आक्रोश बढ़ता दिख रहा है।