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दिल्ली के 20 एंट्री पॉइंट्स पर लगेगा फ्री फ्लो टोल सिस्टम, अब नहीं लगेगा ट्रैफिक जाम

MCD दिल्ली के 20 एंट्री पॉइंट्स पर मल्टी-लेन फ्री-फ्लो टोल सिस्टम लागू कर रहा है, जिससे अब कमर्शियल वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा और ट्रैफिक जाम कम होगा।

Sonu Nigam· 31 Oct, 4:34 AM · 2 मिनट
दिल्ली के 20 एंट्री पॉइंट्स पर लगेगा फ्री फ्लो टोल सिस्टम, अब नहीं लगेगा ट्रैफिक जाम

दिल्ली की सड़कों पर कमर्शियल वाहनों की वजह से लगने वाले लंबे जाम से अब राहत मिलने वाली है। नगर निगम दिल्ली (MCD) राजधानी के 20 मुख्य एंट्री पॉइंट्स पर मल्टी-लेन फ्री-फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी में है। इस आधुनिक तकनीक के आने के बाद वाहनों को टोल चुकाने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे ट्रैफिक का प्रवाह बना रहेगा।

इस प्रोजेक्ट का काम पहले ही शुरू हो चुका है, जिसमें गाजीपुर और बदरपुर जैसे प्रमुख बॉर्डर शामिल हैं। उम्मीद है कि यह सिस्टम नवंबर 2026 तक पूरी तरह चालू हो जाएगा। डिप्टी कमिश्नर (टोल) सुमित कुमार के मुताबिक, शुरुआती चरण में 20 टोल पॉइंट्स कवर किए जाएंगे, जिनमें से 12 नेशनल हाईवे पर स्थित हैं। भविष्य में MCD के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी 156 टोल स्थानों पर इस तकनीक को विस्तार दिया जाएगा।

हाई-टेक कैमरों और सेंसर से होगी टोल वसूली

इस नए सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसकी रफ्तार है। इसमें गेंट्री-माउंटेड RFID रीडर्स, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और रडार उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा। यह तकनीक 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहे वाहनों के RFID टैग को भी पहचान लेगी, जिससे टोल और एनवायरमेंटल कंपनसेशन चार्ज (ECC) की वसूली बिना वाहन रोके हो जाएगी।

MCD की स्थायी समिति की चेयरपर्सन सत्य शर्मा ने 126 टोल पॉइंट्स पर मौजूदा RFID इंफ्रास्ट्रक्चर को MLFF टेक्नोलॉजी में अपग्रेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट को छह साल के लिए दिया जाएगा, जिसमें शुरुआती छह महीने डिजाइन और कार्यान्वयन के लिए होंगे, जबकि अगले 54 महीनों तक इसका संचालन और रखरखाव किया जाएगा।

इस प्रोजेक्ट के लिए 'सहकार ग्लोबल' नाम की कंपनी लगभग 200 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। वहीं, MCD को इस कॉन्ट्रैक्ट से सालाना 964 करोड़ रुपये के राजस्व की उम्मीद है। जब तक यह नया सिस्टम पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक मौजूदा RFID सिस्टम से टोल वसूली जारी रहेगी और भुगतान न करने वालों को डिजिटल नोटिस भेजे जाएंगे।

यह कदम जून 2026 में पारित दिल्ली नगर निगम (टोल टैक्स) संशोधन उप-नियमों के बाद उठाया गया है, जो डिजिटल चालान और टोल चोरी की वसूली को कानूनी आधार प्रदान करता है। साथ ही, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी लक्ष्य रखा है कि मार्च 2027 तक देश के सभी नेशनल हाईवे टोल बूथों को बैरियर-फ्री मॉडल में बदल दिया जाए।

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