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राजस्थान: माउंट आबू में स्ट्रीट वेंडर्स पर आर्थिक संकट, कांग्रेस ने उठाई वैकल्पिक जगह देने की मांग

जानकारी के अनुसार, नगर पालिका द्वारा गठित टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) की 6 जून 2018 को तत्कालीन आयुक्त निशांत जैन (IAS) की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पथ विक्रेताओं को किचन गार्डन पार्किंग में अस्थायी रूप से स्थान आवंटित करने का निर्णय लिया गया था।

AAasim· 29 Oct, 5:44 PM · 2 मिनट
राजस्थान: माउंट आबू में स्ट्रीट वेंडर्स पर आर्थिक संकट, कांग्रेस ने उठाई वैकल्पिक जगह देने की मांग

माउंट आबू: माउंट आबू कांग्रेस पार्टी ने उपखंड अधिकारी को दिया ज्ञापन, कई महीनो से स्ट्रीट वेंडर को जगह नहीं देने को लेकर कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों ने उपखंड अधिकारी और नगर पालिका आयुक्त को सौंपा ज्ञापन। आजीविका अर्जित कर अपने परिवारों का भरण-पोषण करने वाले स्ट्रीट वेंडर्स (पथ विक्रेताओं) के सामने इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उचित वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना पूर्व निर्धारित व्यवसाय स्थल से हटाए जाने के कारण कई छोटे व्यापारी पिछले कई महीनों से अपना कारोबार शुरू नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में उनके परिवारों के सामने रोजमर्रा के खर्च चलाने तक की समस्या उत्पन्न हो गई है।

2018 में TVC की बैठक में लिया गया था निर्णय

जानकारी के अनुसार, नगर पालिका द्वारा गठित टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) की 6 जून 2018 को तत्कालीन आयुक्त निशांत जैन (IAS) की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पथ विक्रेताओं को किचन गार्डन पार्किंग में अस्थायी रूप से स्थान आवंटित करने का निर्णय लिया गया था। साथ ही, नया वेंडिंग जोन स्थापित होने तक उन्हें उक्त स्थान पर व्यवसाय करने की अनुमति दी गई थी। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन द्वारा किचन गार्डन पार्किंग से पथ विक्रेताओं को हटा दिया गया। उस समय उन्हें अन्य स्थान पर पुनर्स्थापित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन पथ विक्रेताओं का कहना है कि आज तक उन्हें न तो कोई वैकल्पिक स्थान आवंटित किया गया है और न ही कारोबार दोबारा शुरू करवाने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था की गई है।

बच्चों की स्कूल फीस से लेकर बैंक की किश्तें चुकाना हुआ मुश्किल

पथ विक्रेताओं के सामने उत्पन्न आर्थिक संकट का असर अब उनके परिवारों पर भी पड़ने लगा है। कई महीनों से कारोबार बंद होने के कारण बच्चों की स्कूल फीस बकाया हो रही है। वहीं, बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋण की किश्तें जमा करना भी मुश्किल हो गया है। कुछ व्यापारी किश्तों के भुगतान में डिफॉल्ट होने की स्थिति तक पहुंच रहे हैं। इन छोटे व्यापारियों के लिए उनका व्यवसाय ही परिवार की आय का मुख्य साधन है। ऐसे में कारोबार बंद रहने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।

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