स्वास्थ्य

दिल्ली-एनसीआर में ज़हरीली हवा: GRAP-1 लागू, ख़राब AQI में सेहत कैसे बचाएँ

AAasim· 22 Oct, 9:31 AM · 3 मिनट
दिल्ली-एनसीआर में ज़हरीली हवा: GRAP-1 लागू, ख़राब AQI में सेहत कैसे बचाएँ

दिल्ली-एनसीआर में हवा एक बार फिर "ख़राब" श्रेणी में पहुँच गई है और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है। सर्दियों की शुरुआत, पराली का धुआँ, वाहनों और निर्माण की धूल मिलकर हर साल इसी मौसम में हवा को भारी बना देते हैं। ऐसे में यह जानना ज़रूरी है कि AQI के आँकड़ों का आपकी सेहत के लिए क्या मतलब है और आप ख़ुद को कैसे बचा सकते हैं।

AQI क्या बताता है

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) हवा की गुणवत्ता को छह श्रेणियों में बाँटता है:

AQI श्रेणी
0–50 अच्छा
51–100 संतोषजनक
101–200 मध्यम
201–300 ख़राब
301–400 बहुत ख़राब
401–500 गंभीर

GRAP का पहला चरण तब लागू होता है जब AQI "ख़राब" (201–300) श्रेणी में पहुँचता है। हवा और बिगड़ने पर अगले चरणों में पाबंदियाँ सख़्त होती जाती हैं।

किन लोगों को सबसे ज़्यादा ख़तरा

  • बच्चे — उनके फेफड़े विकसित हो रहे होते हैं और वे वयस्कों की तुलना में तेज़ साँस लेते हैं।
  • बुज़ुर्ग — ख़ासकर दिल और फेफड़ों की बीमारी वाले।
  • अस्थमा, सीओपीडी और दिल के मरीज़ — प्रदूषण इनकी बीमारी को अचानक बढ़ा सकता है।
  • गर्भवती महिलाएँ और बाहर काम करने वाले लोग, जैसे ट्रैफ़िक पुलिस, रेहड़ी-पटरी वाले और डिलीवरी कर्मी।

ख़राब हवा में क्या करें

  1. रोज़ AQI देखें। CPCB का SAMEER ऐप और वेबसाइट आपके इलाके का ताज़ा AQI बताते हैं। हवा "बहुत ख़राब" या "गंभीर" हो तो बाहर का कार्यक्रम टालें।
  2. बाहर व्यायाम कम करें। दौड़ने या तेज़ कसरत में हम गहरी साँस लेते हैं और ज़्यादा प्रदूषित हवा अंदर जाती है। ख़राब हवा वाले दिनों में घर के अंदर हल्का व्यायाम बेहतर है।
  3. सही मास्क पहनें। साधारण कपड़े या सर्जिकल मास्क बारीक कणों (PM2.5) को ठीक से नहीं रोकते। चेहरे पर अच्छी तरह फिट होने वाला N95 या N99 मास्क ज़्यादा असरदार है।
  4. घर की हवा का ध्यान रखें। प्रदूषण चरम पर हो तो खिड़कियाँ बंद रखें, घर में धूप-अगरबत्ती, कोयला या लकड़ी जलाने से बचें, और संभव हो तो HEPA फ़िल्टर वाला एयर प्यूरीफ़ायर इस्तेमाल करें।
  5. पानी और पोषण। पर्याप्त पानी पिएँ और फल-सब्ज़ियों से भरपूर संतुलित आहार लें।
  6. दवाइयाँ साथ रखें। अस्थमा या सीओपीडी के मरीज़ अपना इनहेलर हमेशा पास रखें और डॉक्टर की बताई दवा बीच में न छोड़ें।

डॉक्टर के पास कब जाएँ

अगर साँस फूलने लगे, सीने में जकड़न या दर्द हो, लगातार खाँसी रहे, घरघराहट हो या आँखों में तेज़ जलन बनी रहे, तो इसे मौसम की परेशानी मानकर नज़रअंदाज़ न करें — तुरंत डॉक्टर से मिलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या घर के अंदर रहना पूरी तरह सुरक्षित है? नहीं, बाहर का प्रदूषण घर के अंदर भी आता है। लेकिन खिड़कियाँ बंद रखने और प्यूरीफ़ायर से अंदर की हवा काफ़ी बेहतर रखी जा सकती है।

सुबह की सैर करें या नहीं? सर्दियों की सुबह अक्सर हवा ठहरी रहती है और प्रदूषण ज़्यादा होता है। AQI देखकर ही निकलें; ख़राब हवा में घर पर योग या हल्का व्यायाम बेहतर विकल्प है।


फ़ोटो: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर स्मॉग — Sumita Roy Dutta, CC BY-SA 4.0, विकिमीडिया कॉमन्स

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; किसी भी इलाज या दवा से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

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