हाई ब्लड प्रेशर: बिना लक्षण बढ़ने वाली बीमारी, जानिए जाँच और क़ाबू के तरीके

हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) को अक्सर "साइलेंट किलर" कहा जाता है, क्योंकि ज़्यादातर लोगों में इसके कोई लक्षण नहीं दिखते — और यह चुपचाप दिल, दिमाग़, गुर्दों और आँखों को नुकसान पहुँचाता रहता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार दुनिया में 30 से 79 वर्ष के करीब 1.28 अरब वयस्क हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, और इनमें से लगभग आधे लोगों को पता ही नहीं कि उन्हें यह बीमारी है।
ब्लड प्रेशर के आँकड़े क्या कहते हैं
ब्लड प्रेशर दो संख्याओं में लिखा जाता है — जैसे 120/80 mmHg। पहली संख्या (सिस्टोलिक) दिल के धड़कते समय का दबाव है और दूसरी (डायस्टोलिक) दो धड़कनों के बीच का। WHO के मानक के अनुसार दो अलग-अलग दिनों की जाँच में ब्लड प्रेशर 140/90 या उससे ज़्यादा आए, तो उसे हाई ब्लड प्रेशर माना जाता है।
क्यों है यह ख़तरनाक
लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर दिल का दौरा, स्ट्रोक, हार्ट फ़ेल्योर, गुर्दे की बीमारी और आँखों की रोशनी पर असर का बड़ा कारण है। ज़्यादातर मामलों में कोई लक्षण नहीं होता; कुछ लोगों को सुबह सिरदर्द, नाक से ख़ून, धुंधला दिखना या सीने में दर्द हो सकता है — लेकिन लक्षणों का इंतज़ार करना ग़लत है।
सही जाँच कैसे करें
- 18 वर्ष से ऊपर के हर व्यक्ति को समय-समय पर ब्लड प्रेशर जँचवाना चाहिए।
- जाँच से पहले 5 मिनट शांत बैठें।
- जाँच से 30 मिनट पहले चाय-कॉफ़ी, धूम्रपान और व्यायाम से बचें।
- पीठ टिकाकर बैठें, पैर ज़मीन पर हों और बाँह दिल की ऊँचाई पर टिकी हो।
- घर पर मशीन से जाँच करें तो रीडिंग लिखते रहें और डॉक्टर को दिखाएँ।
क़ाबू में रखने के तरीके
- नमक कम करें — WHO रोज़ाना 5 ग्राम (करीब एक चम्मच) से कम नमक की सलाह देता है। अचार, पापड़, नमकीन, चिप्स और प्रोसेस्ड खाने में छिपा नमक सबसे ज़्यादा होता है।
- सक्रिय रहें — हफ़्ते में कम से कम 150 मिनट मध्यम व्यायाम, जैसे तेज़ चलना।
- फल, सब्ज़ियाँ और साबुत अनाज ज़्यादा खाएँ।
- तंबाकू छोड़ें और शराब से बचें।
- वज़न नियंत्रित रखें।
- दवा नियमित लें — डॉक्टर ने दवा दी है तो ब्लड प्रेशर सामान्य आने पर भी उसे अपने मन से बंद न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या युवाओं को भी हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है? हाँ। ख़राब खान-पान, कम शारीरिक गतिविधि, मोटापा और तनाव के चलते यह अब कम उम्र में भी दिख रहा है।
क्या एक बार ज़्यादा रीडिंग आने से बीमारी मान लें? नहीं। एक रीडिंग कई कारणों से बढ़ सकती है। अलग-अलग दिनों की जाँच के बाद ही डॉक्टर बीमारी तय करते हैं।
फ़ोटो: स्फ़िग्मोमैनोमीटर से ब्लड प्रेशर की जाँच — YVSREDDY, CC BY-SA 3.0, विकिमीडिया कॉमन्स
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; किसी भी इलाज या दवा से पहले डॉक्टर की सलाह लें।