स्वास्थ्य

विश्व स्ट्रोक दिवस 29 अक्टूबर: BE FAST से पहचानें स्ट्रोक, हर मिनट क़ीमती

AAasim· 22 Oct, 9:31 AM · 3 मिनट
विश्व स्ट्रोक दिवस 29 अक्टूबर: BE FAST से पहचानें स्ट्रोक, हर मिनट क़ीमती

हर साल 29 अक्टूबर को विश्व स्ट्रोक दिवस मनाया जाता है, ताकि लोग स्ट्रोक (लकवा या ब्रेन अटैक) के संकेत पहचानें और समय पर इलाज तक पहुँचें। स्ट्रोक तब होता है जब दिमाग़ के किसी हिस्से तक ख़ून का प्रवाह रुक जाता है या दिमाग़ की कोई नस फट जाती है। ख़ून न मिलने से दिमाग़ की कोशिकाएँ कुछ ही मिनटों में मरने लगती हैं — इसीलिए डॉक्टर कहते हैं, "टाइम इज़ ब्रेन"।

स्ट्रोक के दो मुख्य प्रकार

  • इस्केमिक स्ट्रोक — दिमाग़ की नस में थक्का जमने से ख़ून का रास्ता बंद हो जाता है। ज़्यादातर स्ट्रोक इसी प्रकार के होते हैं।
  • हेमरेजिक स्ट्रोक — दिमाग़ की कोई नस फटने से अंदर ख़ून बहने लगता है।

दोनों का इलाज अलग है, इसलिए अस्पताल में सीटी स्कैन या एमआरआई से पहले प्रकार तय किया जाता है।

BE FAST: छह संकेत याद रखें

अक्षर संकेत
B — Balance (संतुलन) अचानक चक्कर, लड़खड़ाना, संतुलन बिगड़ना
E — Eyes (आँखें) एक या दोनों आँखों से अचानक धुंधला या दिखना बंद
F — Face (चेहरा) मुस्कुराने को कहें — चेहरे का एक हिस्सा लटक जाना
A — Arm (बाँह) दोनों बाँहें उठाने को कहें — एक बाँह नीचे गिर जाना या कमज़ोर होना
S — Speech (बोली) बोलने में लड़खड़ाहट, अस्पष्ट शब्द, बात न समझ पाना
T — Time (समय) इनमें से कोई भी संकेत दिखे तो तुरंत एम्बुलेंस बुलाएँ

तुरंत क्या करें

  1. 108 पर एम्बुलेंस बुलाएँ या मरीज़ को सीधे ऐसे अस्पताल ले जाएँ जहाँ सीटी स्कैन और स्ट्रोक का इलाज उपलब्ध हो।
  2. लक्षण शुरू होने का समय नोट करें — डॉक्टर इलाज इसी पर तय करते हैं।
  3. मरीज़ को कुछ खिलाएँ-पिलाएँ नहीं — निगलने में दिक्कत हो सकती है।
  4. अपने मन से कोई दवा, ख़ासकर एस्पिरिन, न दें — हेमरेजिक स्ट्रोक में यह नुकसान कर सकती है।
  5. "थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा" सोचकर इंतज़ार न करें, भले ही लक्षण कुछ मिनटों में चले जाएँ।

गोल्डन ऑवर क्यों अहम है

इस्केमिक स्ट्रोक में थक्का घोलने वाली दवा आम तौर पर लक्षण शुरू होने के साढ़े चार घंटे के भीतर ही दी जा सकती है, और जितनी जल्दी दी जाए उतना बेहतर नतीजा मिलता है। कुछ मरीज़ों में थक्का निकालने की प्रक्रिया (थ्रॉम्बेक्टॉमी) भी की जाती है। देर से पहुँचने पर ये विकल्प हाथ से निकल जाते हैं।

जोखिम के कारण और बचाव

  • हाई ब्लड प्रेशर — स्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण; नियमित जाँच और दवा।
  • डायबिटीज़ और बढ़ा कोलेस्ट्रॉल — नियंत्रण में रखें।
  • धूम्रपान और तंबाकू — पूरी तरह छोड़ें।
  • अनियमित धड़कन (एट्रियल फ़िब्रिलेशन) — डॉक्टर से जाँच करवाएँ।
  • मोटापा और निष्क्रियता — रोज़ व्यायाम और संतुलित आहार।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या स्ट्रोक सिर्फ़ बुज़ुर्गों को होता है? नहीं। उम्र के साथ जोखिम बढ़ता है, लेकिन हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ और धूम्रपान के कारण कम उम्र के लोगों में भी स्ट्रोक हो सकता है।

लक्षण कुछ मिनट में चले जाएँ तो? इसे "मिनी स्ट्रोक" (TIA) कहा जाता है और यह बड़े स्ट्रोक की चेतावनी हो सकता है। इसे भी आपात स्थिति मानें और तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।


फ़ोटो: सीटी स्कैन कक्ष में मस्तिष्क की जाँच — Goleisureintl, CC BY 4.0, विकिमीडिया कॉमन्स

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; किसी भी इलाज या दवा से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

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