मुंबई, 24 मार्च 2025 – महाराष्ट्र में आज उस वक्त सियासी पारा चढ़ गया जब स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा की उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी ने हंगामा मचा दिया। यह विवाद मुंबई के खार इलाके में द हैबिटेट स्टूडियो में कामरा के हालिया शो के दौरान शुरू हुआ, जिसके बाद राज्य में तोड़फोड़, गिरफ्तारी और सरकार की सख्त कार्रवाई ने मामले को तूल दे दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कामरा से माफी की मांग की, जबकि गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने इस घटना के पीछे “असली मास्टरमाइंड” को बेनकाब करने की बात कही।
विवाद तब भड़का जब कामरा ने कथित तौर पर शिंदे को “गद्दार” कहा और 2022 में उद्धव ठाकरे के खिलाफ उनकी बगावत पर तीखा व्यंग्य किया। उन्होंने फिल्म दिल तो पागल है के एक गाने के संशोधित संस्करण का इस्तेमाल भी किया। इसके बाद शिवसेना कार्यकर्ता भड़क गए, सड़कों पर उतर आए और स्टूडियो में तोड़फोड़ कर दी।
सरकार का सख्त एक्शन: CDR जांच और गिरफ्तारी
मामले ने तूल पकड़ा तो गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने विधान परिषद में ऐलान किया कि कुणाल कामरा के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), कॉल रिकॉर्डिंग और बैंक खातों की जांच होगी। उन्होंने कहा, “हम पता लगाएंगे कि इसके पीछे कौन है। असली मास्टरमाइंड का जल्द खुलासा होगा।” कदम ने यह भी बताया कि कामरा की लोकेशन ट्रैक की जा रही है और कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई होगी।
इस बीच, खार पुलिस ने द हैबिटेट सेंटर में तोड़फोड़ करने वाले 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया, साथ ही शिंदे गुट के नेता राहुल कनाल को भी हिरासत में लिया। कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 और 333 (गैर-जमानती) सहित कई धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ। हालांकि, बाद में बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सभी को जमानत दे दी। स्टूडियो के अंदर एक अवैध हिस्से को भी तोड़ा गया।
फडणवीस, पवार और ठाकरे की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कामरा की टिप्पणी को “निंदनीय” करार देते हुए माफी की मांग की और कहा कि ऐसे कृत्यों का समर्थन करने वाले “अर्बन नक्सलियों और वामपंथी उदारवादियों” को सबक सिखाया जाएगा। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भी कहा कि किसी को कानून और संविधान का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। शिवसेना विधायक मुरजी पटेल ने चेतावनी दी कि अगर कामरा ने 48 घंटे में माफी नहीं मांगी तो कार्यकर्ता उन्हें सड़कों पर नहीं निकलने देंगे।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कामरा का समर्थन करते हुए कहा, “उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। कामरा ने सच बोला और जनता की राय रखी।” ठाकरे के बयान ने विवाद को और हवा दी, जिसके चलते विधानमंडल के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ और कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।
तोड़फोड़ और जनता का गुस्सा
रविवार रात शिवसेना कार्यकर्ताओं ने द हैबिटेट स्टूडियो में घुसकर कथित तौर पर तोड़फोड़ की। मुंबई पुलिस ने सोमवार को कामरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। विपक्ष ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया। सोशल मीडिया पर #कुणालकामरा और #एकनाथशिंदे ट्रेंड करने लगे, जो इस मामले पर बंटी राय को दर्शाते हैं।
विवाद की जड़ क्या है?
कामरा ने अपने शो में शिंदे की सियासी चालों पर तंज कसा, जिसे शिवसैनिकों ने अपमान माना। इसके बाद राज्य में तनाव बढ़ गया। सरकार सख्ती बरत रही है, वहीं विपक्ष इसे दमन बता रहा है। महाराष्ट्र इस सियासी ड्रामे के अगले मोड़ का इंतजार कर रहा है।