• About us
  • Contact us
Tuesday, June 23, 2026
34 °c
New Delhi
36 ° Wed
38 ° Thu
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

आइजोल में पहली बार क्षेत्रीय सहकारी सम्मेलन: पूर्वोत्तर में लागू होगी दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना

News Desk by News Desk
May 8, 2026
in देश
आइजोल में पहली बार क्षेत्रीय सहकारी सम्मेलन: पूर्वोत्तर में लागू होगी दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना
Share on FacebookShare on Twitter

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के विज़न से प्रेरित तथा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देशभर में चलाए जा रहे सहकारी सुधार अभियानों के अंतर्गत सहकारिता मंत्रालय ने आज मिजोरम के आइजोल में सहकारी सुधारों पर दूसरे क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। यह सम्मेलन देशभर में आयोजित की जा रही क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय कार्यशालाओं की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर सहकारी संस्थानों को सशक्त बनाना तथा सहकारी संस्थानों आधारित विकास को गति देना है। इस पहल के अंतर्गत पहला क्षेत्रीय सम्मेलन इससे पहले जयपुर में आयोजित किया गया था।

यह सम्मेलन मिजोरम में पहली बार आयोजित किया गया क्षेत्रीय सहकारी सुधार सम्मेलन भी रहा, जो सहकारिता मंत्रालय के उस सतत प्रयास को दर्शाता है जिसके तहत सहकारी आंदोलन को देश के अंतिम छोर तक पहुँचाया जा रहा है तथा पूर्वोत्तर के दूरस्थ और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों तक सहकारी सुधारों का विस्तार किया जा रहा है। मंत्रालय ने रेखांकित किया कि सहकारी विकास अब पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़ते हुए सीमावर्ती और दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच रहा है तथा सहकारी संस्थानों आधारित आर्थिक मॉडलों के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए नए अवसर उत्पन्न कर रहा है।

इस क्षेत्रीय सम्मेलन में सहकारिता मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, पूर्वोत्तर के सभी राज्यों — असम, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम — के प्रतिनिधियों के साथ-साथ NABARD, NCDC, NAFED, NCCF, NDDB, NFDB, NEDFi तथा विभिन्न सहकारी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सहभागी राज्यों ने विस्तृत प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें सहकारी क्षेत्र में हुई प्रगति तथा डेयरी सहकारी संस्थानों, सहकारी बैंकिंग, अनाज भंडारण अवसंरचना, PACS विस्तार, मत्स्य क्षेत्र तथा वैल्यू चेन विकास को मजबूत करने के लिए उनके संबंधित सहकारिता विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों और पहलों को रेखांकित किया गया। राज्यों ने ऑर्गेनिक और पारंपरिक उत्पादों के निर्यात तथा मार्केट लिंकज को बढ़ावा देने के अपने अनुभव भी साझा किए, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र की प्रमुख विशेषताओं और अवसरों में से एक हैं।

सहकारिता मंत्रालय ने रेखांकित किया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र सहकारी विस्तार और समावेशी आर्थिक विकास के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से एक है। भौगोलिक चुनौतियों, कम जनसंख्या घनत्व और कनेक्टिविटी संबंधी बाधाओं के बावजूद इस क्षेत्र में ऑर्गेनिक खेती, बागवानी, मसाले, मत्स्य पालन, बांस, वन उत्पाद तथा सामुदायिक आधारित उद्यमों में अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। मंत्रालय ने कहा कि सहकारी मॉडल ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने, बाजार तक पहुंच बढ़ाने और क्षेत्रीय आर्थिक तंत्र को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।

सम्मेलन में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्वोत्तर के कई राज्य सहकारी संस्थानों आधारित विकास में उत्साहजनक प्रगति कर रहे हैं। मंत्रालय ने जोर देते हुए कहा कि सहकारी सुधार स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक उत्पादों को किसानों, महिलाओं और ग्रामीण युवाओं के लिए टिकाऊ आर्थिक अवसरों में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने कहा कि यह कार्यशाला पूर्वोत्तर राज्यों की विशिष्ट परिस्थितियों और कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्य भूमि से दूरी, कनेक्टिविटी की समस्याएँ तथा स्थानीय सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियाँ इस क्षेत्र में सहकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए विशेष और लचीले दृष्टिकोण की मांग करती हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “एक जैसा मॉडल” पूर्वोत्तर में प्रभावी नहीं हो सकता और कार्यक्रमों के सुचारु क्रियान्वयन के लिए राज्य-विशेष समाधान तथा लचीले दिशा-निर्देश आवश्यक हैं।

सहकारिता सचिव ने कहा कि मंत्रालय राज्यों के साथ नियमित मासिक वीडियो कॉन्फ्रेंस तथा समय-समय पर ऑफलाइन समीक्षा बैठकों के माध्यम से लगातार संवाद कर रहा है ताकि कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझा जा सके और समन्वय को मजबूत किया जा सके। उन्होंने सम्मेलन में प्रस्तुत विस्तृत प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इनसे मंत्रालय स्तर की कार्यप्रणाली और जमीनी स्तर की वास्तविकताओं को समझने में महत्वपूर्ण सहायता मिली है।

क्षमता निर्माण के महत्व पर बल देते हुए डॉ. भूटानी ने कहा कि राज्य स्तर पर योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने, अवधारणात्मक विकास और प्रभावी क्रियान्वयन क्षमता को मजबूत करने की अत्यधिक आवश्यकता है। उन्होंने सभी पूर्वोत्तर राज्यों को आश्वस्त किया कि सहकारिता मंत्रालय राज्य सहकारी बैंकों को सशक्त बनाने तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु मानव संसाधन और वित्तीय सहायता सहित हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सहकारिता सचिव ने जानकारी दी कि मंत्रालय कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को पुनर्जीवित और उन्नत बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है तथा नई योजनाओं को शीघ्र ही केंद्रीय मंत्रिमंडल स्तर पर स्वीकृति मिलने की संभावना है, जिससे सहकारी अवसंरचना और जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन को और मजबूती मिलेगी।

सहकारी बैंकिंग सुधारों को प्रमुख प्राथमिकता बताते हुए डॉ. भूटानी ने कहा कि शहरी सहकारी बैंकों के लिए तकनीकी प्लेटफॉर्म का मानकीकरण करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं ताकि दोहराव कम हो, दक्षता बढ़े और ग्राहकों को आधुनिक बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 1,500 शहरी सहकारी बैंक अलग-अलग तकनीकी सेवाएँ प्राप्त कर रहे हैं, जिससे लागत बढ़ रही है और व्यवस्था बिखरी हुई है। प्रस्तावित एकीकृत मॉडल ग्राहक विश्वास बढ़ाने और सहकारी बैंकिंग संस्थानों की कार्यक्षमता सुधारने में सहायक होगा। उन्होंने शहरी सहकारी बैंकों से इस आधुनिकीकरण अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया तथा बताया कि NCDC सहित विभिन्न राज्य और केंद्रीय संस्थाओं के माध्यम से वित्तीय संरचना संबंधी सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

सहकारिता सचिव ने आगे कहा कि मंत्रालय FCI तथा अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दक्षता बढ़ाने के लिए परिवहन में दोहराव कम करने तथा भंडारण एवं वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से परिचालन लागत कम होगी तथा जमीनी स्तर पर वितरण व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं और पूर्वोत्तर सहित सभी राज्यों में सहकारी अवसंरचना को मजबूत करने के लिए मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इन लक्ष्यों की प्राप्ति तथा सहकारी संस्थानों के माध्यम से कृषि ऋण पहुंच बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

डॉ. भूटानी ने किसानों के लिए निर्यात और बाजार संपर्क मजबूत करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सहकारी उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, प्रमाणन और विपणन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को विकसित किया जा रहा है। “भारत ऑर्गेनिक्स” जैसी पहलों को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि किसानों को बड़े घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिल सके। उन्होंने कहा कि मंत्रालय इन गतिविधियों के लिए राज्यों को अवसंरचना, मशीनरी और मानक संचालन प्रक्रियाओं के रूप में सहयोग देने के लिए तैयार है।

NCDC की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सहकारिता सचिव ने कहा कि यह संस्था सहकारी पहलों के वित्तपोषण और विभिन्न विकास गतिविधियों को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य सरकारों को NCDC के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) तथा अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर पूर्वोत्तर राज्यों को अवसंरचना विकास योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सम्मेलन के दौरान एक विशेष सत्र पूर्वोत्तर में सहकारी क्षेत्र के पुनरुद्धार और सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित रहा। मंत्रालय ने जानकारी दी कि पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में सहकारी क्षेत्र के पुनरुद्धार के लिए विस्तृत अध्ययन करने हेतु NEDFi को एक विशेष परियोजना स्वीकृत की गई है। इस अध्ययन के निष्कर्षों, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और सफल कार्यान्वयन मॉडलों के आधार पर भविष्य में अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी इसी मॉडल को लागू किया जाएगा ताकि क्षेत्र में सहकारी संस्थानों आधारित विकास को और गति मिल सके।

सम्मेलन में उपस्थित मिजोरम सरकार के मुख्य सचिव श्री के.आर. मीणा ने सभी गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों का मिजोरम में स्वागत किया तथा मिजोरम में सहकारी विकास को निरंतर समर्थन और प्रोत्साहन देने के लिए भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार सहकारी संस्थानों को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय द्वारा किए जा रहे सुधारों और पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

सम्मेलन में डेयरी और मत्स्य क्षेत्र के सहकारी संस्थानों को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया, विशेषकर असम जैसे राज्यों में जहां सहकारी संस्थानों आधारित वैल्यू चेन विस्तार और उत्पादकता वृद्धि की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। मंत्रालय ने संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय कर लक्षित योजनाओं और सहयोगात्मक पहलों के माध्यम से इन क्षेत्रों को समर्थन जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यशाला में वैल्यू चेन और मार्केट लिंकज को मजबूत करने, सहकारी बैंकिंग सुधारों, साइबर सुरक्षा तैयारी, विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन, MPACS के गठन और सुदृढ़ीकरण, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी संस्थानों, जमीनी स्तर की सफल पहलों तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र में सहकारी विकास रणनीतियों पर विषयगत सत्र आयोजित किए गए। NABARD, NEDFi, NCDC, NDDB, NFDB तथा राज्य सहकारिता विभागों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न प्रस्तुतियाँ दीं।

सम्मेलन का समापन केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और सहकारी संस्थानों द्वारा पूर्वोत्तर में सहकारी संस्थानों आधारित विकास को मजबूत करने तथा सहकारी सुधारों को ग्रामीण समृद्धि, आजीविका सृजन और विकसित भारत 2047 के विज़न से जोड़ने की सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

Tags: Aizawl Cooperative ConferenceMinistry of CooperationMizoram NewsNortheast Organic FarmingPACS strengtheningआइजोल सहकारिता सम्मेलनमिजोरम न्यूज़
Previous Post

आप सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने अमित शाह के नाम पर आए कथित तौर पर संदिग्ध कॉल पर जताई चिंता

Next Post

वतन की खातिर सबसे ज्यादा जानें कुर्बान करने वाले पंजाबियों पर देश विरोधी होने का ठप्पा लगा रही है भाजपा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

Related Posts

रायपुर: सहकारिता मंत्रालय की अहम बैठक, ‘अन्न भंडारण योजना’ और ‘व्हाइट रेवोल्यूशन 2.0’ से बदलेगी गांवों की तस्वीर
देश

रायपुर: सहकारिता मंत्रालय की अहम बैठक, ‘अन्न भंडारण योजना’ और ‘व्हाइट रेवोल्यूशन 2.0’ से बदलेगी गांवों की तस्वीर

May 22, 2026
OLA-Uber को टक्कर देगी ‘भारत टैक्सी’: वाराणसी सहकारिता सम्मेलन में सॉफ्ट लॉन्च का ऐलान, जल्द होगा राष्ट्रीय विस्तार
देश

OLA-Uber को टक्कर देगी ‘भारत टैक्सी’: वाराणसी सहकारिता सम्मेलन में सॉफ्ट लॉन्च का ऐलान, जल्द होगा राष्ट्रीय विस्तार

April 10, 2026
Next Post
बेअदबी के दोषियों को बचाने वाले पुराने शासक जल्द सलाखों के पीछे होंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

वतन की खातिर सबसे ज्यादा जानें कुर्बान करने वाले पंजाबियों पर देश विरोधी होने का ठप्पा लगा रही है भाजपा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

New Delhi, India
Tuesday, June 23, 2026
Haze
34 ° c
33%
9.7mh
41 c 34 c
Wed
42 c 33 c
Thu

ताजा खबर

पंजाब में महिलाओं को भगवंत सिंह मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सुरक्षित एवं समय पर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुँच का लाभ

पंजाब में महिलाओं को भगवंत सिंह मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सुरक्षित एवं समय पर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुँच का लाभ

June 22, 2026
बादल परिवार के काले कारनामे एक-एक करके जनता के सामने लाए जाएंगे और उन्हें उनके पापों की मिसाली सजा मिलेगी : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

बादल परिवार के काले कारनामे एक-एक करके जनता के सामने लाए जाएंगे और उन्हें उनके पापों की मिसाली सजा मिलेगी : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

June 22, 2026
‘आप’ ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से की पंजाब के मुख्यमंत्री के खिलाफ फर्जी वीडियो अभियान के पीछे मौजूद लोगों की जांच करने की अपील

भगवंत मान सरकार ने पंजाब के लोगों को ‘आप’ द्वारा दी गई 100% गारंटियां पूरी कीं; ‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत 1 जुलाई से महिलाओं को मिलेंगी 3 किस्तें: बलतेज पन्नू

June 22, 2026
’मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने स्कूल फीस में मनमानी बढ़ोतरी पर लगाम लगाई, वार्षिक बढ़ोतरी की सीमा 5 प्रतिशत तय

’मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने स्कूल फीस में मनमानी बढ़ोतरी पर लगाम लगाई, वार्षिक बढ़ोतरी की सीमा 5 प्रतिशत तय

June 22, 2026
फर्जी वीडियो में मैं नहीं हूं – भगवंत सिंह मान

पंजाब की महिला को 1 जुलाई को 3 हजार और दलित महिला को साढ़े चार हजार मिलने की योजना दुनिया का सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम- केजरीवाल

June 22, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved