गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य 340 रुपये प्रति क्विंटल हुआ

Wasim22 February 20242 min read0 viewsदेश

नयी दिल्ली, 21 फरवरी (कड़वा सत्य) सरकार ने चीनी सीजन 2024-25 के लिए गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य 340 रुपये प्रति क्विंटल तय करने को मंजूरी दे दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने चीनी सीजन 2024-25 के लिए 10.25 फीसदी की चीनी रिकवरी दर पर गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 340 रुपये प्रति क्विंटल रखने को मंजूरी दे दी। यह गन्ने की ऐतिहासिक कीमत है जो चालू सीजन 2023-24 के लिए गन्ने की एफआरपी से लगभग 8 प्रतिशत अधिक है। संशोधित एफआरपी 10 फरवरी से 01 अक्टूबर 2024 तक लागू होगी।
नया एफआरपी गन्ना किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करेगा। गौरतलब है कि भारत पहले से ही दुनिया में गन्ने की सबसे ज्यादा कीमत चुका रहा है और इसके बावजूद सरकार भारत के घरेलू उपभोक्ताओं को दुनिया की सबसे सस्ती चीनी सुनिश्चित कर रही है। केंद्र सरकार के इस फैसले से 5 करोड़ से अधिक गन्ना किसानों (परिवार के सदस्यों सहित) और चीनी क्षेत्र से जुड़े लाखों अन्य लोगों को फायदा होने वाला है। यह किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस मंजूरी के साथ, चीनी मिलें गन्ने की एफआरपी 10.25 प्रतिशत की रिकवरी पर 340 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान करेंगी। वसूली में प्रत्येक 0.1 फीसदी की वृद्धि के साथ, किसानों को 3.32 रुपये की अतिरिक्त कीमत मिलेगी, जबकि वसूली में 0.1 प्रतिशत की कमी पर समान राशि की कटौती की जाएगी। हालाँकि, गन्ने का न्यूनतम मूल्य 315.10 रुपये प्रति क्विंटल है जो 9.5 प्रतिशत की रिकवरी पर है। भले ही चीनी की रिकवरी कम हो, किसानों को 315.10 रुपये प्रति क्विंटल की दर से एफआरपी का आश्वासन दिया जाता है।
सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य सही समय पर मिले। पिछले चीनी सीज़न 2022-23 का 99.5 प्रतिशत गन्ना बकाया और अन्य सभी चीनी सीज़न का 99.9 प्रतिशत किसानों को पहले ही भुगतान किया जा चुका है, जिससे चीनी क्षेत्र के इतिहास में सबसे कम गन्ना बकाया लंबित है। सरकार द्वारा समय पर नीतिगत हस्तक्षेप के साथ, चीनी मिलें आत्मनिर्भर हो गई हैं और चीनी सीजन 2021-22 के बाद से सरकार द्वारा उन्हें कोई वित्तीय सहायता नहीं दी जा रही है। फिर भी, केंद्र सरकार ने किसानों के लिए गन्ने की 'सुनिश्चित एफआरपी और सुनिश्चित खरीद' सुनिश्चित की है।
सचिन सैनी

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