तकनीकी प्रगति भारतीय सौम्य कूटनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा: धनखड़

Wasim15 January 20241 min read0 viewsदेश

नयी दिल्ली 15 जनवरी (कड़वा सत्य) उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने उद्याेग घरानों से अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए संस्थानों का सहयोग करने का आह्वान करते हुए कहा है कि तकनीकी प्रगति भारतीय सौम्य कूटनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
श्री धनखड़ ने सोमवार को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कि भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने वाले सुरक्षा तंत्र में आईएमडी का बहुत महत्व है। उन्होंने विकसित देशों में अनुसंधान शुरू करने और वित्त पोषण करने में उद्योग घरानों की महत्वपूर्ण भूमिका की ओर ध्यान आकर्षित किया और कहा कि आपदा जोखिम में कमी और प्रबंधन के लिए प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाया जाना चाहिए।
आईएमडी की विशेषज्ञता और बंगलादेश तथा म्यांमार की सराहना का उल्लेख करते हुए श्री धनखड़ ने कहा कि एक प्रमुख सौम्य कूटनीति के उपकरण के रूप में तकनीकी प्रगति महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “ अपने पड़ोसियों और अन्य देशों तक अपनी मौसम और जलवायु सेवाओं का विस्तार करके, हम न केवल क्षेत्रीय संबंधों को मजबूत करते हैं बल्कि विश्व के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ करते हैं।”
उन्होंने कहा कि जमीन जोतने वाले किसानों से लेकर सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों तक मौसम विभाग की जानकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी और अनुसंधान सहयोग के माध्यम से प्रौद्योगिकी का उपयोग करके आपदा न्यूनीकरण में सहयोग किया जाना चाहिए।
सत्या, यामिनी

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