नयी दिल्ली, 04 मई (कड़वा सत्य) केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास वरखेड़ी ने शनिवार को कहा कि विशिष्ट प्राचीन ग्रंथों के अध्यान के लिए शास्त्र कौशल का होना बहुत आवश्यक है। वह यहां अखिल भारतीय शास्त्र प्रशिक्षण के लिए चयनित अभ्यर्थियों के नामों की घोषणा कर रहे थे।
विश्वविद्यालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए 90 सफल छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। इनका प्रशिक्षण केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के राजीव गांधी परिसर, श्रृंगेरी, श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर, देव प्रयाग तथा जयपुर परिसर, जयपुर में किया जाएगा। इनका चयन ऑनलाइन माध्यम से लिखित तथा वाक्- दोनों प्रकार की परीक्षाओं के आधार पर किया गया है। इसमें देश के विविध प्रान्तों के छात्र-छात्राओं को सफलता मिली है।
विशिष्ट संस्कृत ग्रन्थों के अध्ययन के लिए शास्त्र-कौशल आवश्यक: प्रो वरखेड़ी

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