वैश्विक संकटों से उबरने में, भारत मार्गदर्शन देने में सक्षम: राष्ट्रपति

Aasim26 January 20241 min read0 viewsदेश

नयी दिल्ली 25 जनवरी (कड़वा सत्य) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जी-20 के भारत के अध्यक्षीय काल में वैश्विक दक्षिण की आवाज़ उठाने को असाधारण उपलब्धि बताते हुए आज कहा कि भारत दुनिया के अनेक हिस्सों में चल रहे संघर्षों और वैश्विक पर्यावरण संकट से उबरने में भी विश्व-समुदाय का प्रभावी मार्गदर्शन करने में सक्षम है।
श्रीमती मुर्मू ने गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्या पर राष्ट्र के नाम संदेश में भारत की भूराजनीतिक एवं कूटनीतिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की अध्यक्षता में दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन का सफल आयोजन एक अभूतपूर्व उपलब्धि थी। जी-20 से जुड़े आयोजनों में जनसामान्य की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इन आयोजनों में विचारों और सुझावों का प्रवाह ऊपर से नीचे की ओर नहीं बल्कि नीचे से ऊपर की ओर था। उस भव्य आयोजन से यह सीख भी मिली है कि सामान्य नागरिकों को भी ऐसे गहन तथा अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दे में भागीदार बनाया जा सकता है जिसका प्रभाव अंततः उनके अपने भविष्य पर पड़ता है। जी-20 शिखर सम्मेलन के माध्यम से वैश्विक दक्षिण की आवाज के रूप में भारत के अभ्युदय को भी बढ़ावा मिला, जिससे अंतरराष्ट्रीय संवाद की प्रक्रिया में एक आवश्यक तत्व का समावेश हुआ है।

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