मोतिहारी: नेपाल से भारी मात्रा में पानी आने की संभावना को लेकर पूर्वी चंपारण जिला से होकर बहने वाली नेपाल की नारायणी नदी, जो भारतीय क्षेत्र में गंडक नदी के नाम से जानी जाती है जिसको लेकर पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए सरकारी पदाधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जिला पदाधिकारी ने प्रेस वार्ता कर तैयारियों की जानकारी दी और इसके बाद आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यालय पहुंचकर नेपाल से आने वाले जलस्रोतों की स्थिति की ऑनलाइन निगरानी की।

जिला पदाधिकारी ने वेयरहाउस का निरीक्षण करते हुए बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता का जायजा लिया। वहीं, गंडक नदी क्षेत्र से जुड़े प्रखंडों में नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जरूरत के अनुसार नाव भेजने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है।

इसके साथ ही पॉलिथीन समेत अन्य राहत सामग्री को संभावित बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में तत्काल भेजने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन की ओर से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी तैनात किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। जिला प्रशासन ने लोगों से भी सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

पूर्वी चंपारण जिला अधिकारी सौरभ सुमन यादव ने गंडक नदी इलाके के संग्रामपुर एवं केसरिया प्रखंड स्थित डुमरिया घाट पुल के आस पास गंडक नदी का निरीक्षण किया और गंडक नदी पर बने चंपारण तटबंध है की जयजा लिया की किसी प्रकार का लीकेज या क्षतइग्रस्त ना हो जिसको लेकर गंडक विभाग समेत पुलिस की तैनाती कर चंपारण तटबंध को सुरक्षित रखने की बड़ी पहल की है।पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज, संग्रामपुर, केसरिया, पहाड़पुर समेत चकिया प्रखंड प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।