मध्यप्रदेश: शिवपुरी के ग्राम पंचायत सीहोर में गंदगी का अंबार, गंदे पानी से भरे रास्तों पर चलने को मजबूर ग्रामीण

शिवपुरी: गांवों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान चलाकर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन अभियानों की हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। शिवपुरी जिले की नरवर जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत सीहोर में गंदगी से भरे आम रास्ते स्वच्छता व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। यहां बस्ती में जाने वाला मुख्य रास्ता गंदे पानी से लबालब भरा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि बारिश नहीं होने के बावजूद रास्ते पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इससे ग्रामीणों को रोजाना आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत सीहोर की यह स्थिति पंचायत स्तर पर साफ-सफाई और जल निकासी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि उन्हें अपने घरों तक पहुंचने और रोजमर्रा के कामों के लिए इसी गंदे पानी से भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। ऐसे में स्वच्छता अभियान के दावों और गांव की वास्तविक स्थिति के बीच अंतर साफ दिखाई देता है।
ग्राम पंचायत सीहोर के मुख्य बस स्टैंड पर जल्लू कुशवाह के घर से दाऊ बाबा के स्थान तक जाने वाले रास्ते से लगी नाली की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। वहीं सिद्ध बाबा तालाब से आमखो तक जाने वाला मुख्य आम रास्ता भी गंदे पानी से भरा हुआ है। रास्ते के एक ओर मकान और दूसरी ओर तालाब की पार होने के कारण यहां से गुजरना लोगों के लिए जोखिम भरा हो गया है।
रास्ते पर जलभराव के चलते लोगों को संभलकर निकलना पड़ता है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि कोई व्यक्ति असंतुलित होकर फिसल जाए, तो उसे चोट लगने का खतरा भी बना रहता है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बनी हुई है।
ग्रामीणों की समस्या केवल रास्ते पर पानी भरने तक सीमित नहीं है। लंबे समय से जमा गंदे पानी के कारण आसपास दुर्गंध फैल रही है। मच्छरों की बढ़ती संख्या भी लोगों की चिंता बढ़ा रही है। गंदगी और जलभराव के कारण आसपास का वातावरण प्रभावित हो रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका बनी हुई है।