राजगढ़ : नीट सहित तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधलियों पर रोक लगाने,पेपर लीक के दोषियों पर उचित कार्यवाही करने,NTA रद्द करने व वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन के समर्थन में आज राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को पचोर क्षेत्र आम नागरिकों,छात्रों द्वारा ज्ञापन दिया गया।

ज्ञापन में बताया कि हाल ही में नीट व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार धांधलियों ने देश के आम छात्रों की मेहनत और उनके भविष्य को बर्बाद करने का काम किया है।आए दिन परीक्षाओं में गड़बड़ी से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा हे । आम गरीब छात्र बड़ी मुश्किल से कोचिंग संस्थानों की महंगी फीस भरकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। मां बाप नौकरी की बड़ी उम्मीद से अपने बच्चों को लाखों रुपए खर्च करके पढ़ाते है।

ऐसे में पेपर लीक होना और आम छात्रों की नौकरियों को खरीद फरोख्त कर किसी दूसरे को मिल जाना लोकतांत्रिक देश में आम छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। आज लाखों पद नौकरियों के लिए खाली पड़े है ,इन पर भर्ती करने की बजाय सरकार नौकरी देने के नाम पर हर बार करोड़ों रूपए की कमाई कर रही है। NTA जैसी प्रतिबंधित एजेंसी से मेडिकल जैसी परीक्षाएं आयोजित कराना देश की चिकित्सा व्यवस्था को खतरे में डालें जैसा है।

ऐसी स्थिति में अपने भविष्य को बर्बाद होने से बचाने के लिए देश के छात्र नौजवान आंदोलनरत हैं। दिल्ली में सोनम वांगचुक द्वारा आमरण अनशन किया जा रहा है। ऐसे एक माहौल में जब सरकार की जवाबदारी थी कि वह छात्रों से बात करें उनकी समस्या को सुने और उसका समाधान निकाले। ऐसा ना करके सरकार उल्टे तानाशाही पूर्ण ढंग से आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है जो कि पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है।

ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि

1, नीट सहित तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधलियों पर रोक लगाई जाए।

2, NTA को रद्द कर पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं आयोजित करने की सुनिश्चितता की जाए।

3. पेपर लीक करने वाले जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई की जाए।

4. आंदोलनरत छात्रों के साथ सरकार बातचीत कर समस्या का उचित समाधान निकाला जाए।