उत्तर प्रदेश: वाराणसी में सीवर मेनहोल में मिली बालू की बोरियों पर सियासी घमासान, अजय राय बोले- CCTV फुटेज सार्वजनिक करें

News Desk21 September 20262 min read0 viewsदेश
उत्तर प्रदेश: वाराणसी में सीवर मेनहोल में मिली बालू की बोरियों पर सियासी घमासान, अजय राय बोले- CCTV फुटेज सार्वजनिक करें

वाराणसी: शिवाला इलाके में सीवर के मेनहोल से बालू से भरी बोरियां मिलने का मामला अब राजनीतिक तकरार में बदलता जा रहा है। घटना के बाद मेयर अशोक तिवारी ने विपक्ष पर सवाल उठाए थे, जबकि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जलभराव की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा कर सरकार पर निशाना साधा था। सोमवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय शिवाला पहुंचे और मेनहोल खोलकर मौके का जायजा लिया। उन्होंने मामले को लेकर सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए और CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की।

अजय राय ने कहा कि जिस स्थान पर मेनहोल है, उसके आसपास CCTV कैमरे लगे हैं और उनका संचालन त्रिनेत्र कमांड सेंटर से होता है। ऐसे में यह पता लगाने में नगर निगम को इतना समय क्यों लग रहा है कि मेनहोल में बोरियां किसने डालीं। उन्होंने कहा कि फुटेज सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि स्पष्ट हो सके कि बोरियां डालने वाला कौन था।

अजय राय के अनुसार, 12 सितंबर को नगर निगम के अधिशासी अभियंता की ओर से भेलूपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि FIR दर्ज होने के नौ दिन बाद भी मामले में किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस या विपक्ष का कोई व्यक्ति दोषी है तो उसे गिरफ्तार किया जाए और जांच में सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा, "यदि मैं दोषी हूं तो मुझे गिरफ्तार किया जाए। मैं यहां गिरफ्तारी देने ही आया हूं।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार और भाजपा के लोग अपनी नाकामी छिपाने के लिए विपक्ष को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मेनहोल में बोरियां डलवाने में भाजपा से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अजय राय ने कहा कि शहर में नालियों और मेनहोल जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर लगातार दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्थिति अलग दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि वाराणसी में मेयर और सभी विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के विधायक हैं तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां के सांसद हैं। इसके बावजूद जलभराव और सीवर की समस्या बनी रहना नगर निगम और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की कि CCTV फुटेज सामने लाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

Share:

Comments

Leave a comment