उत्तराखंड की खुशहाली के लिए भू-कानून ज़रूरी : धीरेंद्र प्रताप

Wasim24 December 20232 min read0 viewsदेश

नयी दिल्ली, 23 दिसंबर (कड़वा सत्य) उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने प्रदेश में भूमि की अंधाधुंध खरीद फरोख्त रोकने के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर आयोजित रैली का समर्थन करते हुए शनिवार को कहा कि राज्य की खुशहाली के लिए भू-कानून लागू होना जरूरी है।
श्री धीरेंद्र प्रताप ने आज यहां जारी बयान में कहा कि उत्तराखंड में भू कानून लागू करने की मांग को लेकर देहरादून में 24 दिसंबर को आयोजित भू-कानून रैली का वह समर्थन करते है। उनका कहना था कि यह कानून उत्तराखंड के खुशहाल भविष्य के लिए जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से उत्तराखंड के विभिन्न भागों में राज्य से बाहर के लोग दंगल के दंगल बनकर जमीन खरीद रहे हैं उससे वह दिन दूर नहीं जब खून पसीने से हासिल उत्तराखंड फिर पूंजीवादियों के हाथ का खिलौना बन जाएगा और नयी पीढ़ी को इनका नौकर बनकर काम करना पड़ेगा। उन्होंने कहा,“ देश के हर हिस्से से हमे प्यार है लेकिन पहाड़ बर्बाद हों और वहां के मूल निवासियों बाहर का रुख करना पड़े यह बर्दाश्त नहीं है।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने भू कानून 1950 का समर्थन करते हुए राज्य आंदोलन की समय सीमा भी 1978 निर्धारित करने की मांग की है। उनका कहना था कि जिस तरह से वर्ष 1994 को राज्य के जन्म से जुड़े आंदोलन की समय सीमा माना गया है उसके कारण वर्ष 1978 और उसके बाद जेल जाने वाले आंदोलनकारी भी अब तक चिह्नित नहीं हो पाए हैं।आंदोलनकारी सम्मान परिषद का अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने इसके लिए गंभीर प्रयास किए थे लेकिन परिणाम नहीं मिला।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया है कि वह इस गंभीर मामले में हस्तक्षेप करें और जो भी आंदोलनकारी वर्ष 1978 के आंदोलन में जेल गए थे उन सबको चिह्नित आंदोलनकारी की परिधि में लाने का काम करें।
अभिनव,आशा

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