ट्रक, बस चालकों के आंदोलन का परिवहन पर व्यापक असर, पेट्रोल डीजल के लिए मारामारी

Wasim3 January 20242 min read0 viewsदेश

नयी दिल्ली, 02 जनवरी (कड़वा सत्य) हिट एंड रन कानून के विरोध में देश भर में ट्रक और बस चालकों के आंदोलन के मंगलवार को दूसरे दिन परिवहन पर व्यापक असर पड़ा है वहीं पेट्रोल-डीजल जैसी अत्यावश्यक ईंधन के लिए लोगों के बीच मारामारी की स्थिति रही।
देश भर में ट्रक और बस चालकों के आंदोलन के कारण एक से दूसरे शहरों में लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। विभिन्न स्थानों पर ट्रकों और बसों को रोक दिया गया है जिससे आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं समेत रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं का परिवहन ठप हो गया है वहीं अपने गंतव्य पर जाने वाले लोग भी इधर-उधर भटक रहे हैं।
पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी कतारें लगी दिखायी दे रही हैं। कहीं-कहीं इन स्थानों पर पेट्रोल पंप कर्मचारियों के साथ झड़प होने की रिपोर्टे हैं।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में अनुबंधित बस चालकों ने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) पर हमला किया जिससे बचने के लिये एआरएम ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। मैनपुरी जिले के करहल थाना क्षेत्र में मंगलवार को जाम लगा रहे हड़ताली ट्रक ड्राईवरों ने पुलिस पर पथराव किया हालांकि किसी व्यक्ति/पुलिस कर्मी को कोई चोट नहीं लगी है न ही कोई वाहन क्षतिग्रस्त हुआ है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला शहर के पेट्रोल पंपों में वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही है। पर्यटकों और आम लोगों ने बताया कि तेल भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। राज्य के सिरमौर और बिलासपुर जिले में डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस का संकट खड़ा गया है।
जम्मू कश्मीर में टैंकरों द्वारा ईंधन की आपूर्ति नहीं किये जाने के कारण कई फिलिंग स्टेशन बंद हो गये। वहीं कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन के लिये कतार में खड़े लोगों की भारी भीड़ देखी गयी।
राजस्थान में राजधानी जयपुर सहित कई स्थानों पर बसों में सफर करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को जयपुर-दिल्ली एवं जयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य मार्गों पर चालकों के प्रदर्शन के कारण रोडवेज की पर्याप्त बसें नहीं चलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। रास्ते में बसों एवं अन्य वाहनों को रोके जाने के कारण लोग काफी परेशान हो रहे हैं और कई लोग बस स्टॉप से वापस अपने घरों को आ रहे हैं। चालकों की हड़ताल के कारण सब्जी, पेट्रोल-डीजल आदि आपूर्ति करने वाली परिवहन सेवाओं पर भी अब इसका असर पड़ने लगा है जिससे लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है।
केंद्र सरकार की ओर से लाये गये हिट-एंड-रन मामले में नये कानून के तहत कड़े दंड का प्रावधान किए हैं। इसमें हादसे के बाद भागने वाले चालकों को 10 वर्ष की सजा और सात लाख रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
डेस्क,आशा

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