नई दिल्ली 25 जून (कड़वा सत्य) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा 50 वर्ष पहले आपातकाल लगाए जाने को देश के इतिहास में काला अध्याय करार देते हुए इसके विरोध में आंदोलन करने वालों के संघर्ष को नमन किया है।
श्री शाह ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “ देश में लोकतंत्र की हत्या और उस पर बार-बार आघात करने का कांग्रेस का लंबा इतिहास रहा है। साल 1975 में आज के ही दिन कांग्रेस के द्वारा लगाया गया आपातकाल इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।“
उन्होंने कहा ,“अहंकार में डूबी, निरंकुश कांग्रेस सरकार ने एक परिवार के सत्ता सुख के लिए 21 महीनों तक देश में सभी प्रकार के नागरिक अधिकार निलंबित कर दिए थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया पर सेंसरशिप लगा दी थी, संविधान में बदलाव किए और न्यायालय तक के हाथ बाँध दिए थे। आपातकाल के खिलाफ संसद से सड़क तक आंदोलन करने वाले असंख्य सत्याग्रहियों, समाजसेवियों, श्रमिकों, किसानों, युवाओं व महिलाओं के संघर्ष को नमन करता हूँ।”
श्री रिजिजू ने कहा,“ आओ संकल्प लें कि हम भारतीय अपने संविधान और लोकतंत्र का अपमान नहीं होने देंगे।“
उन्होंने कहा,“ 25 जून 1975 आपातकाल... देश के इतिहास का काला अध्याय! आज ही के दिन 1975 में कांग्रेस ने आपातकाल घोषित करके देश के लोकतंत्र व भारत के संवैधानिक सिद्धांतो को कुचला था। लोकतांत्रिक इतिहास में यह काला अध्याय कॉंग्रेस और उनके नेताओं की क्रूर व तानाशाही मानसिकता का प्रमाण है। देश के लोकतंत्र पर कॉंग्रेस का यह कुठाराघात ऐसा कलंक है जिसको भविष्य में आने वाली पीढ़ियाँ याद रखेंगी इसे कभी मिटाया नहीं जा सकता।
लोकतंत्र के खिलाफ भयावह षडयन्त्र रचने वाली कांग्रेस आज भी भ्रम फैला रही है और लोकतंत्र के संवैधानिक ढांचे पर प्रहार कर रही है। कॉंग्रेस की इस मानसिकता से देश हर नागरिक परिचित है।“
, संतोष
कड़वा सत्य
शाह और रिजिजू ने आपातकाल के आंदोलनकारियों के संघर्ष को नमन किया

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