क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO) पटना और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) क्षेत्रीय कार्यालय पटना ने पहली बार बिहार के आम लोगों तक कला और शिल्प को पहुंचाने की प्रतिबद्धता के तहत, विदेश मंत्रालय के अधीन इन दोनों कार्यालयों ने मिलकर दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) पटना और बिहार में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के साथ मिलकर क्रमशः चित्रकला और खादी को बढ़ावा देने के लिए रचनात्मक रूप से सहयोग किया है।
- भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, क्षेत्रीय कार्यालय (ICCR RO) पटना और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO) पटना की प्रमुख श्रीमती स्वधा रिज़वी (2011 बैच की भारतीय विदेश सेवा अधिकारी) ने DPS पटना के छात्रों को ‘स्याही और रंगों से सज्जित पटना’’ विषय पर एक कैलेंडर बनाने का कार्य दिया गया। डी. पी. एस. (DPS) पटना के नेतृत्व में एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन में, छात्रों ने अपनी जिज्ञासु और रचनात्मक चेतना के साथ शहर को समझने और देखने का प्रयास किया। हमारे प्यारे पटना के परिदृश्य के विविध रंगों और पहलुओं को दर्शाने वाली 24 पेंटिंग के स्केच और चित्रकृतियों को एक विशिष्ट डेस्कटॉप कैलेंडर का स्वरूप प्रदान किया गया।
- कैलेंडर के प्रत्येक महीने में अलग-अलग उम्र के 2 छात्रों (कक्षा 6 से 12वीं में पढ़ने वाले) की पेंटिंग/स्केच हैं, साथ ही छात्रों द्वारा संवेदनशीलता और रचनात्मकता के साथ सुस्पष्ट रूप से अंकित कलात्मक विवरण भी है। छात्रों द्वारा बनाए गए कलाकृतियों में सुंदर मरीन ड्राइव से लेकर सामान्य डाक कार्यालय और पटना साहिब गुरुद्वारा जैसी ऐतिहासिक इमारतें एवं AIIMS पटना, बिहार संग्रहालय जैसी आधुनिक इमारतें और पटना मेट्रो के चल रहे निर्माण कार्य तथा जगदेव पथ की कुल्हड़ चाय जैसे दैनिक जीवन के दृश्यों का सजीव चित्रण शामिल हैं। 8वीं कक्षा की एक छात्रा ने मरीन ड्राइव की अपनी पेंटिंग में बहुत ही भावनात्मक रूप से कहा, ‘…मेरा लक्ष्य गंगा नदी तट की अलौकिक और शांत सुंदरता को चित्रित करना था। सड़क का हल्का मोड़, पानी पर झिलमिलाता उसकी परछाईं, और विशाल आकाश सब मिलकर एक ताज़ा और शांतिपूर्ण माहौल बनाते हैं’। 9वीं कक्षा के एक अन्य छात्र ने AIIMS पटना पर अपने टिप्पणी में मार्मिक रूप से बताया कि, ‘मानव जीवन के संरक्षण और निर्माण की भावना का प्रतिनिधित्व करने वाली उल्लेखनीय वास्तुकला… यह सिर्फ एक इमारत नहीं है, बल्कि भारत और बिहार दोनों के लोगों के लिए आशा और संतुष्टि का मंदिर भी है’।
- “पासपोर्ट सेवा केंद्र, पटना में ये 24 पेंटिंग्स हमारे पासपोर्ट आवेदकों (लगभग 1500 प्रतिदिन) को हमारे युवा कलाकारों की जीवंत कल्पना से शहर को एक अलग नज़रिए से जोड़ने के मकसद से प्रदर्शित की जा रही हैं। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) क्षेत्रीय कार्यालय पटना की क्षेत्रीय निदेशक श्रीमती स्वधा रिज़वी ने कहा, “इसका मकसद हमारी युवा प्रतिभा को प्रोत्साहित करना भी था,”। युवा कलाकारों को आज क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) क्षेत्रीय कार्यालय पटना की क्षेत्रीय निदेशक और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उनके अभिभावकों, शिक्षकों और डी. पी. एस. पटना के सीनियर मैनेजमेंट, जिसमें प्रधानाचार्य श्री बी विनोद भी शामिल थे, की मौजूदगी में हाथ से बने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। यह प्रदर्शनी एक महीने तक चलेगी।
- के. वी. आई. सी. (KVIC) बिहार के निदेशक डॉ. एम.एच. मेवाती ने श्रीमती स्वधा रिज़वी, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (RPO) पटना की उपस्थिति में के. वी. आई. सी. (KVIC) का प्रदर्शनी कक्ष, जो पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) परिसर में कार्य समय के दौरान हमारे पासपोर्ट आवेदकों के लिए एक महीने तक खादी को बढ़ावा देने के लिए अपने उत्पादों को प्रदर्शित कर रहा है, का उद्घाटन किया। इस पहल से आवेदकों को खादी वस्त्रों से लेकर प्राकृतिक कॉस्मेटिक उत्पादों, हस्तशिल्प और अन्य कई तरह के पर्यावरण के अनुकूल, हाथ से बने उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला देखने को मिलेगी। इसके अलावा, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, पटना श्रीमती स्वधा रिज़वी ने कहा “इसका मकसद बिहार के आम लोगों को ग्रामीण कारीगरों, महिला उद्यमियों और सूक्ष्म उद्यमियों से सीधे जोड़ना है, जो आत्मनिर्भरता और “वोकल फॉर लोकल” की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं” ।








