झांसी कृषि विश्वविद्यालय में उन्नत तकनीक से हो रही खेती से किसान से नई जानकारी: सूर्य प्रतापशाही

Wasim9 February 20243 min read0 viewsराजनीति

झांसी 08 फरवरी (कड़वा सत्य) उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित रानी लक्ष्मीबाई कृषि विश्वविद्यालय में “ उत्तर क्षेत्रीय किसान मेला और प्रदर्शनी 2024” में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि विश्वविद्यालय के प्रयासों से कृषि के क्षेत्र में हो रहे नयी तकनीक के इस्तेमाल को देखने और इन तकनीकों को अपने खेत में इस्तेमाल की करने की प्रेरणा किसान लें।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय किसान मेला और प्रदर्शनी 2024 का शुभारंभ प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि मंत्री, कुलपति डॉ. डेस्क कुमार सिंह,निदेशक कृषि जितेन्द्र कुमार तोमर, महानिदेशक उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद् डाॅ. संजय सिंह, बीएईआरसी प्रमोद चैधरी, कृषि विवि ग्वालियर डॉ अरविंद शुक्ला,दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट, अभय महाजन, झांसी सदर विधायक रवि शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद आदि की मौजूदगी में दीप प्रज्जवलित कर किया। कृषि विश्वविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना के साथ दीप प्रज्जवलित करवाया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री शाही ने विश्वविद्यालय के कुलपति एवं वैज्ञानिकों, आइसीएआर, एफपीओ के किसानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि किसानों को जागरूक करने के लिए लगी कृषि प्रदर्शनी में किसान स्टॉल के साथ-साथ विश्वविद्यालय के फार्म को भी अवश्य देखें, इससे आपको नई - नई जानकारी मिल सकेंगी। आप लोग वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर आय बढ़ा सकते हैं। बुंदेलखंड में धान की खेती होने पर उन्होंने हर्ष व्यक्त किया और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के प्रयासों को दिया।
कृषि मंत्री ने कहा कि रामराज्य राम मंदिर की स्थापना के बाद प्रथम बार कृषि विश्वविद्यालय झांसी आया हूं। उन्होंने अयोध्या के प्रभारी होने के नाते मंदिर का भी दृष्टांत बताया।उन्होंने बताया कि झांसी का कृषि विश्वविद्याल देश का प्रथम कृषि विवि है जहां मोबाइल हेल्थ क्लीनिक वाहन उपलब्ध है। इसका लाभ किसानों की कृषक समस्याएं खेत पर ही हल हो जाती हैं। इसमें सहयोग उत्तर प्रदेश सरकार का है। उत्तर प्रदेश सरकार की तमाम योजनाएं किसानों के लिए चलाई जा रही हैं इसका आप लोग लाभ उठाएं।
उन्होंने सोलर पम्प योजना का जिक्र करते हुए कहा कि झांसी जनपद को 1140 सोलर पम्प देना है। बुंदेलखंड के किसानों को सोलर पम्प तकनीक अपनाकर कृषि में लागत कम कर सकते हैं। यहां पर बुंदेलखंड औद्यौगिक पार्क,अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट भी बनने जा रहा है। किसान समय से अधिक बुवाई कर लाभ उठाएं। बुंदेलखंड तिलहन एवं दलहन के लिए जाना जाता है किसान इसे अपनाकर आय बढ़ाएं एवंइसी के साथ - साथ साक सब्जी, फल फूल एवं अन्य लाभकारी फसल लगाएं।
इससे पहले सभी सभी अतिथियों का स्वागत परिचय कराते हुए कुलपति डॉ़ डेस्क कुमार सिंह ने कराया और कहा कि बुंदेलखंड में दलहन, तिलहन, नीबू वर्गीय फसलों की असीम संभावनाएं हैं। प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण को ध्यान में रखते हुए पुनर्जीवी कृषि, एकीकृत बागवानी तथा शुष्क मौसम में भी कृषि की नई तकनीकों को अपनाने की जरूरत है। झांसी सदर विधायक रवि शर्मा ने इस मेले का प्रमाण देते हुए कहा कि बुंदेलखंड अब किसानी क्षेत्र में आगे बढ़ा हैं। प्रधानमंत्री के प्रयासों से यह कृषि विश्वविद्यालय स्थापित हो पाया है। वह किसानों के लिए लगातार अथक प्रयास कर रहे हैं। इस दौरान विश्वविद्यालय के सभी अधिकारी, वैज्ञानिक, शिक्षक, विभिन्न जनप्रतिनिधि, किसान, स्कूल के बच्चे, एनसीसी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सोनिया

Share:

Comments

Leave a comment