सुशासन की पहली शर्त कानून का राज: योगी

Wasim16 February 20242 min read0 viewsराजनीति

प्रयागराज 16 फरवरी, (कड़वा सत्य) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुशासन की पहली शर्त रूल आफ लॉ है जो बिना बार और बेंच के सहयोग के संभव नहीं है।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुये उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश के सुशासन मॉडल को स्थापित करने में बार और बेंच का हमेशा सहयोग मिला। आम आदमी का न्यायिक जगत पर विश्वास बना रहे हमें इस दिशा में कार्य करना चाहिए। अगर लोकतंत्र में जनता का विश्वास डगमगाया तो फिर उसको सड़कों पर उतरने में देर नहीं लगेगी। हम सबको भारत के लोकतंत्र के सभी स्तंभों को और मजबूती प्रदान करने के लिए हमेशा प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद का विशेष महत्व होता है। अगर किसी को कोई समस्या होती है तो वह अपनी परेशानी के बारे में सीधे शासन को अवगत करा सकता है। समस्याग्रस्त व्यक्ति के पास शासन तक अपनी बात पहुंचाने के अनेक माध्यम हैं। हम सरकार तक पहुंची समस्या को समाधान तक जरुर पहुंचाएंगे।
योगी ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को लागू हुए भारत के संविधान ने देश को उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक एकता के सूत्र में बांधने का कार्य किया। यहीं नहीं भारत के संविधान ने दुनिया को भी लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। जब देश का संविधान तैयार हो रहा था तो उस समय प्रस्तावना को लेकर लेकर लंबी चर्चा हुई थी। उस दौरान बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर ने एक बात कही थी कि हमारी चुनौती संविधान के विस्तार और अंत को लेकर नहीं है।
उन्होने कहा कि हम इति को लेकर परेशान होते हैं कि समारोह कैसा होगा। समारोह अच्छा होगा, उसके परिणाम भी अच्छे आएंगे, बशर्ते हमारी शुरुआत अच्छी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी संसद में तीन नए एक्ट बनें हैं। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि को अपने ऊपर यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि प्रदेश भर के युवा अधिवक्ताओं के नए एक्ट सहित न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा प्रशिक्षण का एक विशेष कार्यक्रम यहां प्रारंभ हो, राज्य सरकार उसमें पूरा सहयोग करेगी। सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं के हित में बहुत सारे कार्य किए हैं और आगे भी करेगी।
कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश मनोज मिश्रा, न्यायाधीश राजेश जिंदल, उच्च न्यायलाय इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली, उतर प्रदेश सरकार के महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा व बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
प्रदीप

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