• About us
  • Contact us
Monday, April 20, 2026
31 °c
New Delhi
36 ° Tue
37 ° Wed
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

मां की सांसों के लिए जंग: ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी बेटे की सबसे बड़ी ताकत

News Desk by News Desk
April 19, 2026
in देश
मां की सांसों के लिए जंग: ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी बेटे की सबसे बड़ी ताकत
Share on FacebookShare on Twitter

पटियाला, 19 अप्रैल 2026: पटियाला के रहने वाले गुरपिंदर जीत सिंह की जिंदगी पांच महीने पहले अचानक ऐसे मोड़ पर आकर खड़ी हो गई, जहां हर रास्ता मुश्किल नजर आ रहा था। 65 साल की उनकी मां, बलजीत कौर, धीरे-धीरे खाना-पीना छोड़ रही थीं। एक बेटे के लिए यह सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि हर दिन टूटती उम्मीदों का दर्द था।

पहले निजी डॉक्टरों के चक्कर लगे, फिर राजिंदरा अस्पताल, पटियाला का सहारा लिया गया। दवाइयां चलीं, टेस्ट हुए, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और गंभीर होते गए। जब रिपोर्ट आई, तो जैसे आसमान ही टूट पड़ा, मां को बच्चेदानी का कैंसर था।

गुरपिंदर के लिए यह सिर्फ एक बीमारी नहीं थी, यह उस मां की जिंदगी का सवाल था जिसने उसे जन्म दिया, पाला-पोसा। बिना देर किए वह मां को संगरूर स्थित टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल ले गए। इलाज शुरू हुआ, लेकिन पहले ही झटके में 60-65 हजार रुपये खर्च हो गए। एक ड्राइवर की सीमित कमाई के सामने यह रकम पहाड़ जैसी थी।

गुरपिंदर के मन में एक ही सवाल था,“मां को कैसे बचाऊं?”कर्ज लेने तक की नौबत आ चुकी थी। तभी, जैसे अंधेरे में एक रोशनी की किरण आई। अस्पताल में ही एक अनजान व्यक्ति ने उन्हें मुख्यमंत्री सेहत योजना के बारे में बताया।

उम्मीद की एक नई डोर थामते हुए गुरपिंदर ने वहीं रजिस्ट्रेशन करवाया। कुछ ही समय में उनके मोबाइल पर मैसेज आया और स्मार्ट कार्ड बन गया। इसके बाद जो हुआ, वह उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। लाखों रुपये का इलाज, जिसमें महंगे टेस्ट, बार-बार कीमोथेरेपी, दवाइयां, ऑपरेशन, आईसीयू, वेंटिलेटर और अस्पताल में रहने-खाने तक का खर्च शामिल था, सब कुछ सरकार ने उठाया।

गुरपिंदर की आंखें भर आती हैं जब वह कहते हैं, “मां तो मां होती है, उसे हर हाल में बचाना था। पैसे नहीं थे, लेकिन भगवान ने इस योजना के रूप में रास्ता दिखा दिया।”

डॉक्टरों के लिए भी यह केस चुनौतीपूर्ण था। कैंसर बच्चेदानी से बढ़कर लीवर और फेफड़ों तक पहुंच चुका था। पहले तीन बार कीमोथेरेपी दी गई, लेकिन शरीर कमजोर होने के कारण दुष्प्रभाव सामने आए। फिर धीरे-धीरे डोज कम कर नौ और कीमोथेरेपी दी गई।

इलाज के बाद ट्यूमर एक जगह सिमट गया और डॉक्टरों ने करीब आठ घंटे लंबा ऑपरेशन कर उसे निकाल दिया। 35 से 40 टांकों के साथ मां ने दर्द सहा, लेकिन जिंदगी की डोर थामे रखी। ऑपरेशन के बाद दो-तीन दिन आईसीयू और वेंटिलेटर पर रहीं, फिर वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।

गुरपिंदर हर पल मां के पास बैठे रहते, कभी दवा देते, कभी सिर सहलाते। आठ दिन अस्पताल में गुजारने के बाद जब मां की हालत सुधरने लगी, तो जैसे उनकी दुनिया वापस लौट आई। यह सफर आज भी जारी है, आगे के इलाज और जांच के लिए उन्हें मुल्लांपुर स्थित अस्पताल में फॉलोअप के लिए जाना है। कुछ दवाइयां जो अस्पताल में उपलब्ध नहीं थीं, उनका खर्च गुरपिंदर ने खुद उठाया, लेकिन बाकी पूरा इलाज योजना के तहत मुफ्त हुआ। अस्पताल में गायनेकोलॉजी की डॉ शिवाली ने सर्जरी के डॉक्टरों के साथ मिलकर ऑपरेशन किया। टाटा मेमोरियल के डॉक्टरों के मुताबिक इस सर्जरी एवं दवा इत्यादि में 8 लाख रुपए से ज्यादा का खर्च हुआ है।

दो बच्चों के पिता और एक साधारण ड्राइवर गुरपिंदर के लिए यह राहत शब्दों से परे है। वह कहते हैं, “अब सुकून है कि मां बिना इलाज के नहीं मरेगी, सरकार ने हमें उम्मीद दी है।” यह सिर्फ एक इलाज की कहानी नहीं, बल्कि एक बेटे के संघर्ष, उसका मां के प्रति प्रेम और एक ऐसी योजना की कहानी है, जिसने मुश्किल वक्त में सहारा बनकर एक परिवार को टूटने से बचा लिया।

Tags: CM Bhagwant Mann Health SchemeFree Cancer Treatment PunjabGurpinder Jeet SinghHuman Interest StoryMukh Mantri Sehat Yojana PunjabPatiala News HindiPunjab Health DepartmentTata Memorial Hospital Sangrurमुख्यमंत्री सेहत योजना
Previous Post

भगवंत मान सरकार का बेअदबी विरोधी बिल राज्यपाल की मंजूरी के साथ कानून बना, कमजोर कानूनों और सियासी संरक्षण के युग का हुआ अंत: हरपाल सिंह चीमा

Next Post

श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ बिल राज्यपाल की मंज़ूरी के बाद कानून बन गया, सीएम भगवंत सिंह मान ने वाहेगुरु और संगत का किया धन्याद

Related Posts

Punjab News: ‘आयुष्मान’ में 5 लाख, पंजाब में 10 लाख की कवरेज; डॉ. बलबीर सिंह बोले- हमारा हेल्थ मॉडल सबसे बेहतर
देश

Punjab News: ‘आयुष्मान’ में 5 लाख, पंजाब में 10 लाख की कवरेज; डॉ. बलबीर सिंह बोले- हमारा हेल्थ मॉडल सबसे बेहतर

March 22, 2026
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को लेकर विरोधियों द्वारा फैलाए जा रहे झूठ से बचें, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाबियों से की अपील
देश

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को लेकर विरोधियों द्वारा फैलाए जा रहे झूठ से बचें, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाबियों से की अपील

February 10, 2026
मान सरकार ने जनहित में सुनाए कड़े फैसले, मरीज़ों के अधिकारों की होगी सुरक्षा, प्राइवेट अस्पतालों को किया सावधान!
देश

मान सरकार ने जनहित में सुनाए कड़े फैसले, मरीज़ों के अधिकारों की होगी सुरक्षा, प्राइवेट अस्पतालों को किया सावधान!

December 15, 2025
Next Post
पंजाब में ई.डी. के माध्यम से भाजपा का चुनावी खेल जारी, तीन दिनों में दो ‘आप’ नेताओं के घरों पर छापे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ बिल राज्यपाल की मंज़ूरी के बाद कानून बन गया, सीएम भगवंत सिंह मान ने वाहेगुरु और संगत का किया धन्याद

Please login to join discussion
New Delhi, India
Monday, April 20, 2026
Mist
31 ° c
27%
11.9mh
41 c 31 c
Tue
42 c 31 c
Wed

ताजा खबर

">
महिला आरक्षण पर नहीं बनी बात: सर्वदलीय बैठक रही बेनतीजा! CM रेखा गुप्ता बोलीं- कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा मातृशक्ति का विकास

महिला आरक्षण पर नहीं बनी बात: सर्वदलीय बैठक रही बेनतीजा! CM रेखा गुप्ता बोलीं- कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा मातृशक्ति का विकास

April 20, 2026
पंजाब की मंडियों में 28 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आमद, 24 लाख मीट्रिक टन से अधिक की खरीद : लाल चंद कटारूचक्क

पंजाब की मंडियों में 28 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आमद, 24 लाख मीट्रिक टन से अधिक की खरीद : लाल चंद कटारूचक्क

April 19, 2026
पंजाब में ई.डी. के माध्यम से भाजपा का चुनावी खेल जारी, तीन दिनों में दो ‘आप’ नेताओं के घरों पर छापे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ बिल राज्यपाल की मंज़ूरी के बाद कानून बन गया, सीएम भगवंत सिंह मान ने वाहेगुरु और संगत का किया धन्याद

April 19, 2026
मां की सांसों के लिए जंग: ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी बेटे की सबसे बड़ी ताकत

मां की सांसों के लिए जंग: ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी बेटे की सबसे बड़ी ताकत

April 19, 2026
भगवंत मान सरकार का बेअदबी विरोधी बिल राज्यपाल की मंजूरी के साथ कानून बना, कमजोर कानूनों और सियासी संरक्षण के युग का हुआ अंत: हरपाल सिंह चीमा

भगवंत मान सरकार का बेअदबी विरोधी बिल राज्यपाल की मंजूरी के साथ कानून बना, कमजोर कानूनों और सियासी संरक्षण के युग का हुआ अंत: हरपाल सिंह चीमा

April 19, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved