पंजाब में ड्रग्स की समस्या पर राजनीति करने से पहले भाजपा सत्ता में अपने दस साल का हिसाब दे: बलतेज पन्नू

Aasim20 October 20265 min read0 viewsपंजाब
पंजाब में ड्रग्स की समस्या पर राजनीति करने से पहले भाजपा सत्ता में अपने दस साल का हिसाब दे: बलतेज पन्नू
  • भाजपा को अपने 10 साल के राज का हिसाब देना चाहिए जब पंजाब में गोरक्षा संकट गहराया था, ड्रग्स की समस्या पर राजनीति बंद करे: बलतेज पन्नू
  • अमित शाह का पंजाब दौरा सिर्फ भाषण नहीं होना चाहिए, बल्कि सीमा पार से तस्करी और फार्मास्युटिकल ड्रग्स के खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए: बलतेज पन्नू
  • केंद्र सरकार को फार्मास्युटिकल ड्रग्स के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए, पंजाब सरकार की कुछ ड्रग्स को एनडीपीएस एक्ट के दायरे में लाने की बार-बार की गई अपील पर कोई जवाब नहीं मिला है: बलतेज पन्नू
  • मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने परिवार की मांग पर परविंदर सिंह झोटा का केस सीबीआई को सौंपा, ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए: बलतेज पन्नू

चंडीगढ़, 20 अक्टूबर: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को उनके पंजाब दौरे के दौरान लिखे पत्र में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया है और कहा है कि पंजाब में ड्रग्स की समस्या पर राजनीति करने से पहले उन्हें यह बताना चाहिए कि वे क्या कर रहे हैं। पंजाब में भाजपा को अपने पिछले कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि परविंदर सिंह झोटा की हत्या जैसी दुखद घटना पर राजनीति करना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पीड़ित परिवार की मांग को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है, ताकि परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।

मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बलतेज पन्नू ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई किसी राजनीतिक पार्टी की नहीं, बल्कि पूरे समाज की लड़ाई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने ड्रग्स के नेटवर्क को खत्म करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान शुरू किया है। इस अभियान में पुलिस, सिविल प्रशासन और करीब एक लाख सदस्यों वाली गांव रक्षा समितियां और वार्ड रक्षा समितियां अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ड्रग्स के खिलाफ सिर्फ बयानबाजी नहीं कर रही, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्रवाई कर रही है।

आप नेता ने कहा कि ड्रग्स की समस्या के लिए सिर्फ़ पंजाब को ज़िम्मेदार ठहराना भाजपा की राजनीतिक सोच को दिखाता है। देश के कई राज्यों में ड्रग्स की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। बॉर्डर वाला राज्य होने की वजह से पंजाब को बॉर्डर पार से होने वाली स्मगलिंग की चुनौती का भी सामना करना पड़ रहा है। ड्रोन के ज़रिए होने वाली स्मगलिंग से निपटने के लिए राज्य सरकार ने एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं। वहीं, मेडिकल ड्रग्स की समस्या में केंद्र सरकार की भूमिका भी अहम है। पंजाब सरकार ने इससे जुड़ी ड्रग्स को एनडीपीएस एक्ट के दायरे में लाने के लिए केंद्र को कई बार चिट्ठी लिखी है, लेकिन उन पर कोई ज़रूरी कार्रवाई नहीं हुई है।

बलतेज पन्नू ने भाजपा से सवाल किया कि जब पंजाब में ड्रग्स की समस्या गंभीर हुई, तो भाजपा कहाँ थी? उन्होंने कहा कि 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा सरकार सत्ता में थी और इस दौरान पंजाब में चिट्टे का संकट गंभीर हो गया था। कथित 6,000 करोड़ रुपये के ड्रग रैकेट की जांच और उससे जुड़े लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई को लेकर आज भी सवाल उठते हैं। उन्होंने पूछा कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की जांच का क्या हुआ, जांच अधिकारी क्यों बदले गए और विदेश में बैठे कथित आरोपियों को भारत लाने के लिए क्या कोशिशें की गईं? भाजपा को इन सवालों के जवाब देने चाहिए, न कि सिर्फ अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों से बचने के लिए मौजूदा सरकार को निशाना बनाना चाहिए।

आप मीडिया इंचार्ज ने कांग्रेस और भाजपा में शामिल हुए पूर्व कांग्रेस नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से 2022 के बीच कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ड्रग्स के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ड्रग्स को खत्म करने का वादा किया था, लेकिन पंजाब के लोगों को उन वादों का पूरा नतीजा नहीं मिला। उन्होंने भाजपा नेता सुनील जाखड़ और मनप्रीत सिंह बादल समेत उन सभी नेताओं से सवाल किया कि उन्होंने उस समय ड्रग्स के मुद्दे पर कितनी मजबूती से आवाज उठाई थी। आज जो नेता ड्रग्स पर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, उन्हें अपने पिछले कार्यकाल का रिकॉर्ड भी जनता के सामने रखना चाहिए।

बलतेज पन्नू ने कांग्रेस नेता राजा वड़िंग के अफीम की दुकानें खोलने के बारे में किए गए कमेंट पर भी सवाल उठाया और कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने की जरूरत है, न कि ड्रग्स को नॉर्मल बनाने के विचार को हवा देने की। उन्होंने कहा कि पंजाब की एक पूरी पीढ़ी ड्रग्स की समस्या से प्रभावित हुई है और इसलिए दशकों से सत्ता में रही पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों को अपनी ज़िम्मेदारी माननी चाहिए। आम आदमी पार्टी सरकार ड्रग्स के खिलाफ़ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है, जबकि कुछ राजनीतिक पार्टियां इस गंभीर मुद्दे का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए कर रही हैं।

अमित शाह के पंजाब दौरे का स्वागत करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री को पंजाब की संवेदनशील सीमाओं, सीमा पार से तस्करी और मेडिकल दवाओं की सप्लाई पर भी साफ़ जवाब देना चाहिए। पंजाब देश का अन्नदाता होने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा में भी अहम योगदान देता है। ऐसे में केंद्र सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह ड्रग्स के खिलाफ़ लड़ाई में पंजाब को पूरा सपोर्ट दे। सिर्फ़ पंजाब आकर भाषण देने से समस्या का हल नहीं होगा, इसलिए ठोस कार्रवाई और केंद्र-राज्य सहयोग ज़रूरी है।

उन्होंने अमित शाह से यह भी पूछा कि पिछले एंटी-ड्रग मार्च के दौरान एक हादसे में जान गंवाने वाले भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारियों अर्शदीप सिंह और विनोद काली के परिवारों के लिए भाजपा ने क्या किया? क्या भाजपा के बड़े नेताओं ने उनके परिवारों से मिलकर उनका दुख बांटा और उन्हें ज़रूरी मदद देने के लिए कोई ठोस कदम उठाए? बलतेज पन्नू ने कहा कि अगर भाजपा सच में ड्रग्स को लेकर सीरियस है, तो उसे इन सवालों के जवाब भी देने चाहिए। ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में जान गंवाने वालों और उनके परिवारों के प्रति ज़िम्मेदारी निभाना उतना ही ज़रूरी है जितना मंचों से भाषण देना।

बलतेज पन्नू ने स्पस्ट किया कि आम आदमी पार्टी सरकार ड्रग्स के खिलाफ़ लड़ रहे हर किसी के साथ खड़ी है। परविंदर सिंह झोटा के परिवार की सीबीआई जांच की मांग मानना मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार की सेंसिटिविटी दिखाता है। उन्होंने कहा कि किसी की मौत को राजनीतिक फ़ायदे के लिए हथियार बनाना ठीक नहीं है। ड्रग्स के खिलाफ़ लड़ाई को पार्टी पॉलिटिक्स से ऊपर उठकर आगे बढ़ाना होगा। पंजाब सरकार ड्रग्स के पूरे नेटवर्क को खत्म करने और राज्य की युवा पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Share:

Comments

Leave a comment