वाशिंगटन, 21 जनवरी (कड़वा सत्य) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार देर रात अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से बाहर निकालने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए।
इस कदम से अमेरिका दूसरी बार पेरिस जलवायु समझौते से बाहर निकल जाएगा। अपने उद्घाटन भाषण के दौरान, श्री ट्रम्प ने जीवाश्म ईंधन को निकालने और उपयोग करने के प्रयासों को दोगुना करने का भी प्रण लिया। उन्होंने कहा, “मैं राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल की भी घोषणा करूंगा। हम ड्रिल करेंगे, बेबी, ड्रिल करेंगे।”
श्री ट्रंप ने दावा किया, “हमारे पास कुछ ऐसा है जो किसी अन्य विनिर्माण देश के पास कभी नहीं होगा, पृथ्वी पर किसी भी देश की तुलना में सबसे बड़ी मात्रा में तेल और गैस है तथा हम इसका उपयोग करने जा रहे हैं।”गौरतलब है कि दिसंबर 2015 में अपनाया गया, पेरिस समझौता मानव-जनित ग्लोबल वार्मिंग और संबंधित संकटों से निपटने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय प्रयास है, जिसमें अमेरिका औपचारिक रूप से सितंबर 2016 में शामिल हुआ।
पिछले ट्रम्प प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर नवंबर 2020 में अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से बाहर निकाल लिया था, जिससे जलवायु संकट से निपटने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को एक बड़ा झटका लगा।
पूर्ववर्ती अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कार्यालय में अपने पहले दिन 20 जनवरी, 2021 को ही अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते में वापस लाने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए।
अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के कुछ ही घंटों बाद, श्री ट्रम्प ने वाशिंगटन डी.सी. में कैपिटल वन एरेना में लोगों के सामने कुछ अन्य कार्यकारी आदेशों पर भी हस्ताक्षर किए, जिसमें बाइडेन प्रशासन के लगभग 80 कार्यकारी आदेशों को रद्द करना भी शामिल था। उन्होंने समारोह में लोगों से कहा, ‘मैं पिछले प्रशासन की लगभग 80 विनाशकारी कट्टरपंथी कार्यकारी कार्रवाइयों को रद्द कर रहा हूं।’
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कड़वा सत्य