नयी दिल्ली, 29 जनवरी (कड़वा सत्य) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महाकुंभ में भगदड़ के कारण मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि आगे ऐसी स्थिति ना बने इसके लिए वीआईपी संस्कृति को रोकने की सख्त जरूरत है।
श्री खरगे ने कहा, “महाकुंभ के दौरान, तीर्थराज संगम के तट पर हुई भगदड़ से कई लोगों की जान गई है और अनेकों लोगों के घायल होने का समाचार बेहद हृदयविदारक है। लुओं के परिजनों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएँ और घायलों के शीघ्रातिशीघ्र स्वास्थ्य लाभ की हम कामना करते हैं।”
उन्होंने कहा, “आधी अधूरी व्यवस्था, वीआईपी मूवमेंट, प्रबंधन से ज़्यादा स्व प्रचार पर ध्यान देना और बदइंतज़ामी इसके के लिए ज़िम्मेदार है। हज़ारों करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद ऐसी व्यवस्था होना निंदनीय है। अभी कई महत्वपूर्ण शाही स्नान बचे हैं, तो केंद्र और राज्य सरकारों को अब चेत जाना चाहिए, और व्यवस्था को सुधारना चाहिए ताकि आगे ऐसी अप्रिय घटनाएँ न हों। लुओं के ठहरने, भोजन, प्राथमिक चिकित्सा व मूवमेंट आदि की व्यवस्था में विस्तार करना चाहिए और वीआईपी मूवमेंट पर लगाम लगानी चाहिए। यही हमारे साधु संत भी चाहते हैं।”
श्री खरगे ने भगदड़ के शिकार लोगों की मदद के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया है कि वे पीड़ितों की हर संभव मदद करें।
श्री गांधी ने कहा, “प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ के कारण कई लोगों की मौत और कईयों के घायल होने की ख़बर अत्यंत दुखद है। शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की करता हूं। इस दुखद घटना के लिए कुप्रबंधन, बदइंतजामी और आम लुओं की जगह वीआईपी मूवमेंट पर प्रशासन का विशेष ध्यान होना ज़िम्मेदार है।”
उन्होंने कहा, “अभी महाकुंभ का काफी समय बचा हुआ है, कई और महास्नान होने हैं। आज जैसी दुखद घटना आगे न हो इसके लिए सरकार को व्यवस्था में सुधार करना चाहिए। वीआईपी कल्चर पर लगाम लगनी चाहिए और सरकार को आम लुओं के जरूरतों की पूर्ति के लिए बेहतर इंतजाम करने चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से अनुरोध करता हूं कि पीड़ित परिवारों की मदद करें।”
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कड़वा सत्य