Vietnam Boat Crash: वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार दोपहर करीब 1 बजे तकनीकी खराबी के कारण भारतीय पर्यटकों से भरी एक स्पीडबोट समुद्र में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 15 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 21 घायलों को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
फु क्वोक द्वीप के पास भीषण हादसा और पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख
वियतनाम के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल फु क्वोक द्वीप के पास भारतीय पर्यटकों के साथ हुआ हादसा बेहद गंभीर रूप ले चुका है। शनिवार दोपहर को पर्यटकों को लेकर जा रही स्पीडबोट अचानक समुद्र के बीच पलट गई। घटना की भयावहता को देखते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बयान में देश को आश्वस्त किया है कि वियतनाम में मौजूद भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास राहत कार्यों में पूरी ताकत से जुटे हैं। भारतीय अधिकारी लगातार वियतनाम के स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन विभागों से संपर्क बनाए हुए हैं ताकि प्रभावित नागरिकों को तुरंत चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
तकनीकी खराबी बनी हादसे की वजह और 15 भारतीय नागरिकों की मौत का पूरा विवरण
वियतनाम की स्थानीय समाचार वेबसाइट वीएनएक्सप्रेस के मुताबिक यह हादसा शनिवार दोपहर करीब एक बजे हुआ। ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी की एक स्पीडबोट 32 भारतीय पर्यटकों, एक टूर गाइड और चालक दल के चार सदस्यों को लेकर रवाना हुई थी। फु क्वोक विशेष आर्थिक क्षेत्र के अधिकारियों ने शुरुआती जांच के बाद बताया कि यात्रा के दौरान स्पीडबोट में अचानक गंभीर तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे समुद्र में पलट गई।
एन थोई पोर्ट बॉर्डर गार्ड स्टेशन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस दुर्घटना में 15 भारतीय नागरिकों की जान चली गई है। मरने वालों में 13 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद अन्य पर्यटक नावें तेजी से मदद के लिए आगे आईं, जिसकी वजह से 21 लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इन सभी बचे हुए यात्रियों को आपातकालीन इलाज के लिए पास के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
वियतनाम में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज और पीड़ित परिवारों के लिए हेल्प डेस्क स्थापित
हादसे की सूचना मिलते ही वियतनाम के सुरक्षा बल पूरी तरह से एक्शन में आ गए हैं। बॉर्डर गार्ड स्टेशन ने खोज और बचाव अभियान को गति देने के लिए 35 अनुभवी अधिकारियों और जवानों के साथ दो बड़े जहाजों को समुद्र में तैनात किया है। स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर वियतनाम की नौसेना और तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) की टीमें भी लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं ताकि स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लिया जा सके।
हनोई स्थित भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने इस संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए तुरंत कदम उठाए हैं। दोनों ही महत्वपूर्ण शहरों में विशेष नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) चालू कर दिए गए हैं। भारत में मौजूद प्रभावित परिवारों के सदस्य इन हेल्पलाइन सेंटर्स पर कॉल करके अपने प्रियजनों की सेहत, अस्पताल की जानकारी या किसी भी तरह की प्रशासनिक मदद के लिए सीधे संपर्क कर सकते हैं।






