महादेव ऐप केस: किंगपिन सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत लाया गया, अब रायपुर कोर्ट में होगी पेशी
ओमान से प्रत्यर्पित महादेव ऐप किंगपिन सौरभ चंद्राकर अब रायपुर कोर्ट में पेश होगा। सीएम विष्णु देव साय को उम्मीद है कि इससे प्रोटेक्शन मनी का सच सामने आएगा।

देश के सबसे बड़े अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट्स में से एक, महादेव ऑनलाइन बुक ऐप के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को आखिरकार भारत वापस ले आया गया है। सोमवार को उसे दिल्ली स्थित सीबीआई (CBI) मुख्यालय से रायपुर ले जाया गया, जहां उसे अदालत के सामने पेश किया जाएगा। सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित (extradite) किया गया है, जिसके बाद अब इस पूरे घोटाले की परतें खुलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उन्होंने विश्वास जताया है कि सौरभ चंद्राकर की वापसी से जांच एजेंसियों को इस सिंडिकेट के गहरे राज जानने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से 'प्रोटेक्शन मनी' (संरक्षण राशि) का जिक्र करते हुए कहा कि अब यह साफ हो जाएगा कि इस अवैध कारोबार को चलाने के लिए किन-किन लोगों को पैसे दिए गए थे और किन अधिकारियों ने इसका लाभ उठाया। उन्होंने इस बड़ी सफलता के लिए सीबीआई का आभार व्यक्त किया है।
इंटरपोल नोटिस और ओमान पुलिस की मदद
सौरभ चंद्राकर के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था, जिसके बाद रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। भारत की सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ओमान सरकार को पुख्ता सबूत सौंपे थे, जिसके बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी हुई। सीबीआई की एक विशेष टीम मस्कट गई और वहां से आरोपी को भारत लेकर आई।
जांच में सामने आया है कि महादेव ऐप के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल और कार्ड गेम्स पर बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी कराई जाती थी। इसके लिए पूरे भारत में 'पैनल' और 'ब्रांच' का एक जाल बिछाया गया था। सट्टेबाजी से होने वाली कमाई को फर्जी बैंक खातों (mule accounts) और हवाला के जरिए विदेश भेजा जाता था।
सौरभ चंद्राकर वर्तमान में सीबीआई के दो मामलों और ईडी के एक मामले में वांछित है, जिनमें पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड के जरिए रायपुर ले जाया जाएगा, जहां से इस पूरे सिंडिकेट के मास्टरमाइंड से कड़ी पूछताछ होने की संभावना है।