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'77% पराली जल चुकी है', दिल्ली पर्यावरण मंत्री ने पंजाब CM भगवंत मान पर लगाया झूठ बोलने का आरोप

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने पंजाब CM भगवंत मान पर पराली जलने के आंकड़ों को छिपाने और गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है।

Sonu Nigam· 5 Nov, 10:36 AM · 2 मिनट
'77% पराली जल चुकी है', दिल्ली पर्यावरण मंत्री ने पंजाब CM भगवंत मान पर लगाया झूठ बोलने का आरोप

दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है और इस बार प्रदूषण की जंग राजनीतिक मोड़ ले चुकी है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सिरसा का कहना है कि मुख्यमंत्री मान ने धान की कटाई और पराली जलाने को लेकर जनता और सरकार को गुमराह किया है और गलत जानकारी साझा की है।

शास्त्री पार्क स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) में मीडिया से बात करते हुए सिरसा ने कहा कि एक तरफ भगवंत मान दावा कर रहे हैं कि धान की कटाई अभी शुरू नहीं हुई है, वहीं दूसरी ओर उनकी अपनी सरकार के आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। सिरसा के मुताबिक, पंजाब सरकार के डेटा के अनुसार अब तक 77 प्रतिशत पराली जलाई जा चुकी है।

AQI में भारी उछाल और आंकड़ों का खेल

पर्यावरण मंत्री ने दिल्ली की हवा की हालत का हवाला देते हुए बताया कि महज चार दिनों के भीतर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में डरावनी बढ़ोतरी देखी गई है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए समझाया कि 30 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 60 था, जो 31 अक्टूबर को बढ़कर 117 हुआ और 4 नवंबर तक यह 377 के स्तर पर पहुंच गया।

सिरसा ने सवाल उठाया कि जब दिल्ली की हवा साफ थी, तब पंजाब में पराली नहीं जल रही थी, लेकिन जैसे ही जलना शुरू हुआ, दिल्ली की हवा जहरीली हो गई। उन्होंने बताया कि 2 नवंबर को आग की केवल 92 घटनाएं दर्ज थीं, जो 3 नवंबर तक बढ़कर 484 हो गईं। यह संख्या पिछले दो वर्षों के मुकाबले दोगुनी है।

मंत्री ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड की चेयरपर्सन रीना गुप्ता, जो आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता हैं, के पास न तो प्रशासनिक अनुभव है और न ही वे पर्यावरण विशेषज्ञ हैं। सिरसा का दावा है कि इस नियुक्ति का मकसद बोर्ड को राजनीतिक अखाड़ा बनाना है।

इसके अलावा, सिरसा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन अधिकारियों को बचाने के लिए केवल किसानों के खिलाफ FIR दर्ज कर रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 'हैप्पी सीडर' जैसी मशीनों के लिए 5,000 करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन पंजाब सरकार ने उन फंडों का सही इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने CAQM द्वारा बठिंडा, फाजिल्का, जालंधर और बरनाला के उपायुक्तों को नोटिस दिए जाने का जिक्र करते हुए पूछा कि अगर आग नहीं लगी है, तो डेटा क्यों छिपाया जा रहा है?

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