दिल्ली में BMW गाड़ी के कटे 42 चलान बिना PUCC गाड़ी चलाना पड़ा भारी
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने PUCC नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बढ़ा दी है। एक BMW पर 42 चालान हुए, अब बिना सर्टिफिकेट पेट्रोल नहीं मिलेगा।

दिल्ली की हवा में घुलते प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। GRAP स्टेज 1 लागू होने के बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने उन वाहन मालिकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है जो प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUCC) के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इस सख्ती के बीच कुछ ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं, जहां वाहन मालिकों ने कानून को पूरी तरह नजरअंदाज किया। एक 2019 मॉडल की BMW कार का हाल तो ऐसा है कि उस पर बिना वैध PUCC के चलने के लिए अब तक 42 चालान काटे जा चुके हैं, जिनमें से 24 चालान तो अकेले साल 2026 में हुए हैं।
सिर्फ लग्जरी कारें ही नहीं, बल्कि दोपहिया वाहनों के मालिक भी नियमों को हल्के में ले रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, एक होंडा एक्टिवा पर 32 और एक सुजुकी मोटरसाइकिल पर 33 चालान काटे गए। वहीं, एक टाटा एस और टीवीएस रेडर पर भी दर्जनों चालान पेंडिंग हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 20 अक्टूबर 2026 के बीच PUCC उल्लंघन के कुल 4,41,911 चालान काटे गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा लापरवाही दोपहिया वाहनों (77.1%) और उसके बाद कारों (19.6%) के मामले में देखी गई है।
अब नहीं बचेगा कोई: 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' नियम लागू
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडिशनल कमिश्नर विजयंता गोयल आर्य ने साफ किया है कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा GRAP स्टेज 1 लागू किए जाने के बाद अब सख्ती और बढ़ाई जाएगी। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190(2) के तहत बिना वैध PUCC के वाहन चलाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। पुलिस अब उन लोगों को 'आदतन अपराधी' मान रही है जिनके पास 10 से ज्यादा चालान पेंडिंग हैं, और उनके खिलाफ न्यायिक कार्यवाही की तैयारी की जा रही है।
प्रशासन ने अब एक बड़ा कदम उठाते हुए 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' (No PUCC, No Fuel) का निर्देश जारी किया है। इसका मतलब है कि जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। इस व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए 1 नवंबर 2026 से 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे बिना सर्टिफिकेट वाली गाड़ियों की पहचान तुरंत हो सकेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत कुछ और कड़े नियम भी लागू होने जा रहे हैं। 1 नवंबर से अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा। साथ ही, राजधानी के बाहर पंजीकृत गैर-BS6 वाहनों के प्रवेश पर 31 जनवरी 2027 तक प्रतिबंध रहेगा, हालांकि इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को इससे छूट दी गई है।