दिल्ली: शराब बुकिंग ऐप ने पकड़ी रफ्तार, 14 हजार से ज्यादा ट्रांजैक्शन के साथ कमाए 42.83 लाख
DSIIDC के शराब बुकिंग ऐप और क्यूआर साइट के जरिए 14,359 ट्रांजैक्शन हुए हैं, जिससे शराब की दुकानों पर लंबी कतारें कम हुई हैं।

दिल्ली में शराब खरीदने के अनुभव को डिजिटल बनाने की कोशिश रंग ला रही है। दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (DSIIDC) के शराब बुकिंग ऐप और क्यूआर-आधारित माइक्रोसॉफ्ट साइट ने नवंबर 2025 से अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अब तक 14,359 ट्रांजैक्शन किए जा चुके हैं, जिनकी कुल कीमत 42.83 लाख रुपये है।
DSIIDC द्वारा जारी एक स्टेटस नोट में बताया गया है कि इस ऐप का मकसद शराब की दुकानों के बाहर लगने वाली लंबी कतारों को कम करना और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना था। खास बात यह है कि वर्तमान भाजपा सरकार ने इस व्यवस्था में कोई हस्तक्षेप नहीं किया, क्योंकि इससे आम जनता को सुविधा हो रही थी और दुकानों पर भीड़ कम हुई थी।
कैसे काम करता है यह डिजिटल सिस्टम?
यह ऐप केवल पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है। इसकी कार्यप्रणाली काफी सरल है, जिसमें ग्राहक निम्नलिखित सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं:
- स्टॉक चेक: ग्राहक ऑनलाइन देख सकते हैं कि किस स्टोर पर कौन सी शराब उपलब्ध है।
- डिजिटल बुकिंग: अपनी पसंद की शराब बुक कर उसका डिजिटल भुगतान किया जा सकता है।
- स्टोर से पिक-अप: ध्यान रहे कि इस ऐप में होम डिलीवरी की कोई सुविधा नहीं है। बुकिंग के बाद ग्राहक को संबंधित स्टोर पर जाना होता है, जहां ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन के बाद उन्हें सामान मिलता है।
अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो 10 नवंबर 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच 3,629 ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी वैल्यू 12.93 लाख रुपये थी। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 से ट्रांजैक्शन की संख्या बढ़कर 10,730 हो गई, जिससे 29.90 लाख रुपये का कारोबार हुआ।
इस डिजिटल पहल के अलावा, DSIIDC की कुल शराब बिक्री के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 2,682.11 करोड़ रुपये की शराब बिकी, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर तक यह आंकड़ा 1,383.7 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।