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दिल्ली में नेशनल गोधन दीपावली महोत्सव शुरू, गौ-आधारित अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

दिल्ली के जनकपुरी में नेशनल गोधन दीपावली महोत्सव शुरू हुआ, जहां गौ-आधारित अर्थव्यवस्था और उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

Sonu Nigam· 1 Nov, 9:06 PM · 2 मिनट
दिल्ली में नेशनल गोधन दीपावली महोत्सव शुरू, गौ-आधारित अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

देश की राजधानी दिल्ली के जनकपुरी स्थित दिल्ली हाट में नेशनल गोधन दीपावली महोत्सव का भव्य आगाज हो गया है। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुए इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य गौशालाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। 1 नवंबर से 7 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय गोधन महासंघ ने दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (DTTDC), दिल्ली सरकार, काउज़ोन और सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा के सहयोग से किया है।

इस महोत्सव के जरिए गौ संरक्षण की परंपरा को ग्रामीण रोजगार और वित्तीय स्वतंत्रता से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। आयोजन स्थल पर करीब 400 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें देशभर की गौशालाओं और संस्थाओं द्वारा तैयार किए गए प्राकृतिक और गौ-आधारित उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। यहाँ आने वाले लोग पंचगव्य, जैविक खाद और गोबर व गोमूत्र से बने विभिन्न उपयोगी उत्पादों को देख सकते हैं। इसके साथ ही, ऐसे तकनीकी मॉडल्स का भी प्रदर्शन किया जा रहा है जो गौशालाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं।

आधुनिक समस्याओं का समाधान है गौ-आधारित जीवनशैली

कार्यक्रम का उद्घाटन असम के पूर्व राज्यपाल प्रोफेसर जगदीश मुखी ने किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में जब खेती में रसायनों का अंधाधुंध इस्तेमाल हो रहा है और पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है, ऐसे में गौ-आधारित जीवनशैली ही इन समस्याओं का वास्तविक समाधान है। उन्होंने इस पहल को एक व्यापक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

वहीं, राष्ट्रीय गोधन महासंघ के राष्ट्रीय समन्वयक विजय खुराना ने बताया कि यह केवल एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि एक व्यापक अभियान है। इसका लक्ष्य पारंपरिक संस्कृति को पुनर्जीवित करना और स्वदेशी उत्पादों के विकास को प्रोत्साहित करना है।

यह महोत्सव एक भावनात्मक महत्व भी रखता है। आयोजन के दौरान उन संतों को याद किया जा रहा है, जिन्होंने 7 नवंबर 1966 को संसद मार्ग पर गौ-संरक्षण आंदोलन के दौरान अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे।

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