जोहान्सबर्ग, 16 जनवरी (कड़वा सत्य) दक्षिण अफ्रीका की सरकार को अवैध खनन पर शिकंजा कसने पर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। अवैध खनन पर शिकंजा कसने के कारण सैंकड़ों भूमिगत खनिकों को भोजन और पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है।
इस सप्ताह की शुरूआत में सोमवार से शुरू हुए बचाव अभियान के दौरान 78 शवों को अवैध खदान से निकाला जा चुका है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अदालत की ओर से उनके बचाव का आदेश दिए जाने के बाद बचावकर्मी बुधवार को जीवित बचे लोगों की तलाश में तीसरे दिन भी बचाव कार्य में जुटी हुई है।
यहां के एक पुलिस प्रवक्ता ने कल दोपहर कहा कि लगभग 166 लोगों को जीवित बचाया गया है।
दक्षिण अफ़्रीका के फ़ेडरेशन ऑफ़ ट्रेड यूनियन (एसएएफटीयू) ने जोहान्सबर्ग से लगभग 97 मील (156 किलोमीटर) दक्षिण-पश्चिम में स्थित स्टिलफ़ोन्टेन खदान में हुई मौतों को नरसंहार बताया।
स्थिति से निपटने के लिए सरकार की आलोचना डेमोक्रेटिक गठबंधन (डीए) ने भी की, जिसने पिछले साल सत्तारूढ़ एएनसी पार्टी के साथ गठबंधन बनाया था।
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कड़वा सत्य
दक्षिण अफ्रीका में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए सरकार की हुई तीखी आलोचना

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