नयी दिल्ली 22 जनवरी (कड़वा सत्य) भारत तेजी से प्रगति करने वाला विकासशील देश है, लेकिन इसका विकास समावेशी, न्यायसंगत व पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ है ।
श्री सिंह ने बुधवार को केरल के पथानामथिट्टा जिले में प्रसिद्ध लेखिका और पर्यावरणविद् सुगाथाकुमारी की 90वीं जयंती समारोह के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश का उपभोग जरूरत आधारित होना चाहिए न कि लालच आधारित, उन्होंने कहा कि स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए व्यवहार में बदलाव की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ‘उपयोग करो और खत्म करो’ की अर्थव्यवस्था से निजात पाने की जरूरत है।
भारत का विकास समावेशी, न्यायसंगत व पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ : राजनाथ

Sadhvi Ritambhara ने KIIT-KISS का किया दौरा, बोलीं- यहां दिखा तपस्या और समर्पण का असल अर्थ

उत्तर प्रदेश: हाईवे किनारे होटल में बड़ी चोरी, 200 लीटर डीजल समेत इनवर्टर-बैटरियां ले उड़े चोर

मध्य प्रदेश: क्रेन-जेसीबी भी नहीं हिला सकीं खड़े हनुमान की प्रतिमा, अब IIT इंदौर की टीम करेगी जांच

