नयी दिल्ली, 02 जुलाई (कड़वा सत्य) लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन की कार्यवाही से उनके भाषण के अंश हटाने पर हैरानी व्यक्त करते हुए मंगलवार को कहा कि यह 'संसदीय लोकतंत्र के खिलाफ' है।
श्री गांधी ने आज यहां संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा, 'मोदी जी की दुनिया में सच्चाई को मिटाया जा सकता है। परंतु वास्तव में सत्य को मिटाया नहीं जा सकता। मुझे जो कहना था मैंने कह दिया, वे जितना चाहें मिटा लें। सत्य तो सत्य है।”
उन्होंने इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भी इस बारे में एक पत्र लिखा और कहा, "मैं आपको एक जुलाई को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मेरे भाषण से निकाली गई टिप्पणियों और अंशों के संदर्भ में यह पत्र लिख रहा हूं। मेरी टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाना संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है। मैं यह देखकर स्तब्ध हूं कि जिस तरह से निष्कासन की आड़ में मेरे भाषण का काफी हिस्सा कार्यवाही से हटा दिया गया है।"
श्री गांधी ने कहा कि निकाले गए अंश नियम 380 के दायरे में नहीं आते हैं। उन्होंने कहा कि सदन का प्रत्येक सदस्य जो लोगों की सामूहिक आवाज़ का प्रतिनिधित्व करता है ,वह भारत के संविधान के अनुच्छेद 105 (1) में निहित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है और सदन के पटल पर लोगों की चिंता उठाना प्रत्येक सदस्य का अधिकार है।
उन्होंने कहा, 'देश के लोगों के प्रति अपने दायित्वों का पालन करते हुए मैंने इन शब्दों का सोच समझकर सदन में प्रयाग किया है।”
,
कड़वा सत्य
मेरे भाषण के अंश हटाना 'संसदीय लोकतंत्र के ख़िलाफ़' : राहुल

Bihar Fertilizer News: खाद कंपनियों पर सरकार सख्त, रिटेल पॉइंट तक समय पर सप्लाई नहीं तो होगी कार्रवाई

IMC Gaya पर सरकार का बड़ा फोकस! BIADA MD ने किया साइट इंस्पेक्शन, निर्माण में तेजी लाने के दिए निर्देश

उत्तरप्रदेश: मेले में झूले को लेकर भिड़े दो पक्ष, जमकर हुआ पथराव; 13 गिरफ्तार

