पटना। किसानों को उर्वरक की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में आज कृषि निदेशक एवं उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में कंपनियों से रिटेल पॉइंट तक उर्वरक की आपूर्ति, राज्य में उर्वरक की उपलब्धता तथा किसानों को ससमय एवं उचित मूल्य पर उनकी आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा की गई।

माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर उनकी आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि उर्वरक की आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी स्तर पर व्यवधान के कारण किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने में कंपनियों, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार नियमानुसार कार्य करने वाले विक्रेताओं एवं कंपनियों के हितों की भी रक्षा करेगी, लेकिन किसानों तक उर्वरक की निर्बाध आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

माननीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार रिटेलर एवं होलसेलर के हितों की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। यदि कोई कंपनी FoR व्यवस्था के तहत रिटेल पॉइंट तक उर्वरक नहीं पहुंचा रही है, तो संबंधित रिटेलर इसकी सूचना सीधे माननीय कृषि मंत्री या विभाग के प्रधान सचिव को दे सकते हैं। ऐसी शिकायतों की जांच के बाद अनियमितता सही पाए जाने पर संबंधित कंपनी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा गंभीर मामलों में बिहार में कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने पर भी विचार किया जाएगा।

कृषि मंत्री ने निदेश दिया कि उर्वरक कंपनियां FoR व्यवस्था के तहत रिटेल पॉइंट तक उर्वरक पहुंचाने की अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी कंपनी द्वारा FoR के तहत उर्वरक की आपूर्ति में लापरवाही की जा रही है अथवा रिटेलर को इस संबंध में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग के वरीय अधिकारियों को दी जाए। प्राप्त शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि राज्य में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार द्वारा लगातार अनुश्रवण किया जा रहा है। जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक उर्वरक की उपलब्धता, आपूर्ति और वितरण की स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सके।

माननीय मंत्री ने सभी जिलों के जिला कृषि पदाधिकारियों को निदेश दिया कि अपने-अपने जिले में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण से संबंधित किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना अविलंब जिला पदाधिकारी को दें। साथ ही, किसानों को निर्धारित एवं उचित मूल्य पर उनकी आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

कृषि मंत्री ने कहा कि जो विक्रेता एवं कंपनियां नियमानुसार कार्य कर रहे हैं, उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। किसानों के हितों के विरुद्ध कार्य करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी, सुचारू और किसान हितैषी बनाना है।

बैठक के दौरान उर्वरक विक्रेताओं द्वारा आपूर्ति से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं व्यावहारिक कठिनाइयों से भी कृषि मंत्री को अवगत कराया गया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करने तथा उर्वरक की आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी स्तर पर अनावश्यक व्यवधान को दूर करने का निदेश दिया।