मुरैना: किसानों को फसल के लिए असली खाद मिलने की उम्मीद के बीच मुरैना में नकली DAP खाद तैयार करने के कथित कारोबार का खुलासा हुआ है। खंडहरनुमा इमारत के दो कमरों में चल रही गतिविधियों पर छापे के दौरान 500 से अधिक बोरियां बरामद की गईं। आरोप है कि मिट्टी, कंकड़ और काली राख के मिश्रण को सरकारी DAP खाद की बोरियों में भरकर पैक किया जा रहा था।
मौके पर करीब आधा दर्जन मजदूर खाद भरने और बोरियों की पैकिंग करते मिले। बताया गया कि मजदूरों को मंडी से 800 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी पर काम के लिए लाया गया था। अब जांच का अहम सवाल यह है कि खाद के नाम पर तैयार किए जा रहे इस मिश्रण को कहां और किसके माध्यम से खपाने की तैयारी थी।
कार्रवाई की जानकारी मिलने पर कृषि विभाग के सहायक संचालक अनंत बिहारी सढ़ैया मौके पर पहुंचे। विभाग ने बरामद बोरियों को जब्त कर सुरक्षित रखने के लिए थाने भिजवा दिया। पुलिस और कृषि विभाग अब मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रहे हैं।
सरकारी बोरियां कहां से आईं, सप्लाई नेटवर्क की तलाश
जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि सरकारी DAP की बोरियां कहां से लाई गई थीं, कथित फैक्ट्री का संचालन कौन कर रहा था और तैयार सामग्री किन क्षेत्रों में भेजी जानी थी। इसके साथ ही मजदूरों को काम पर लगाने वाले लोगों और कारोबार से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
किसानों की मेहनत पर पड़ सकता है असर
खाद की बोरियों पर सरकारी DAP जैसा नाम या पैकिंग होने से किसान धोखा खा सकते हैं। यदि अमानक या नकली सामग्री बाजार तक पहुंचती है, तो किसानों को आर्थिक नुकसान का जोखिम हो सकता है। फिलहाल जब्त सामग्री की गुणवत्ता, उसके वास्तविक उपयोग और बिक्री की स्थिति के बारे में जांच के निष्कर्ष सामने आने बाकी हैं। कार्रवाई के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कथित कारोबार के पीछे कौन है और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।





