मंदसौर: मध्यप्रदेश के मंदसौर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह की जांच में अब पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया है। मैट्रिमोनियल साइट के जरिए महिलाओं को शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले इस गिरोह का मुख्य सरगना टोनी कुमार कथित तौर पर ठगी की रकम क्रिप्टो करेंसी के जरिए पाकिस्तान भेज रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे कुछ लोग गिरोह के सरगना को निर्देश दे रहे थे।

इस अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के सामने आने के बाद मंदसौर पुलिस अब राष्ट्रीय जांच एजेंसियों से संपर्क करने की तैयारी कर रही है।रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल ने खुद आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जानकारी ली।

दरअसल, मंदसौर जिले के शामगढ़ में मैट्रिमोनियल साइट के जरिए एक महिला से साढ़े सात लाख रुपये की ठगी के मामले की जांच करते हुए पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में गिरोह द्वारा 100 से अधिक लोगों से करीब 11 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई थी। लेकिन अब इस मामले में पाकिस्तान कनेक्शन सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह का कथित मास्टरमाइंड टोनी कुमार बिहार का रहने वाला है। जांच में पता चला है कि वह पहले खुद साइबर ठगी का शिकार हुआ था, लेकिन बाद में इसी अपराध की दुनिया में उतरकर गिरोह का सरगना बन गया। गिरोह के सदस्य अलग-अलग बैंक खातों और मोबाइल सिम के जरिए ठगी की रकम जुटाते थे। इसके बाद क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से रकम पाकिस्तान भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

वहीं, पाकिस्तान में बैठे लोगों से गिरोह के संपर्क और उन्हें मिल रहे निर्देशों की भी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। अब राष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की तैयारी है। डीआईजी निमिष अग्रवाल ने भी आरोपियों से पूछताछ कर उनके बयानों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।