• ‘मिशन क्लीन पंजाब’ को मिलेगा और बढ़ावा; विधायक, डी.सी., एम.सी. कमिश्नर, ए.डी.सी., ई.ओ. और एन.जी.ओ. राज्यव्यापी अभियान में होंगे शामिल
• 29 अगस्त से 7 सितंबर तक सभी विधायक और अधिकारी जी.वी.पी. खत्म करने के लिए रोजाना सुबह मैदान में उतरेंगे: हरजोत सिंह बैंस
• त्वरित कार्रवाई और निगरानी के लिए नागरिक एम-सेवा ऐप पर गारबेज वल्नरेबल प्वाइंट्स की तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं: हरजोत सिंह बैंस
• पंजाब हमारे गुरुओं और संतों की पवित्र धरती है; इसे स्वच्छ रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है: हरजोत सिंह बैंस
• हमें अपने सफाई सेवकों का सहयोग करना चाहिए; यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है कि गैर-जिम्मेदाराना तरीके से कूड़ा फेंकने के कारण उनके प्रयास व्यर्थ न जाएं: हरजोत सिंह बैंस
चंडीगढ़, 27 अगस्त: पंजाब को कूड़ा-कचरा मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए स्थानीय निकाय मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने आज राज्यभर में सभी गारबेज वल्नरेबल प्वाइंट्स (जी.वी.पी.) को खत्म करने के लिए 29 अगस्त से 7 सितंबर तक 10 दिनों का विशेष सफाई अभियान चलाने की घोषणा की है।
आज यहां पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स. हरजोत बैंस ने कहा कि यह 10 दिवसीय अभियान मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की ‘मिशन क्लीन पंजाब’ पहल को और गति प्रदान करेगा। इसके तहत वरिष्ठ अधिकारी पहले से ही प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8 बजे तक जमीनी स्तर पर निरीक्षण कर रहे हैं।
स. बैंस ने कहा, “पंजाब हमारे गुरुओं और संतों की पवित्र धरती है और इसके कण-कण में आध्यात्मिकता समाई हुई है। इसे स्वच्छ, सुंदर और साफ-सुथरा बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अभियान में सभी विधायक, डिप्टी कमिश्नर, नगर निगम कमिश्नर, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर, ई.ओ. और गैर-सरकारी संगठन हिस्सा लेंगे।”
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ‘एम-सेवा’ ऐप के माध्यम से नागरिक भी अपने क्षेत्रों में जी.वी.पी. की तस्वीरें अपलोड करके इस अभियान में सहभागी बन सकते हैं। प्रत्येक शिकायत के लिए एक अलग आई.डी. तैयार होगी, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायत को ट्रैक कर सकेंगे और संबंधित स्थान की सफाई सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रत्येक शहर और कस्बे में कूड़ा-कचरा जमा होने वाले स्थानों की पूर्ण सफाई पर केंद्रित होगा। उन्होंने बताया कि अमृतसर जैसे बड़े शहरों में 600 और पटियाला में लगभग 450 जी.वी.पी. की पहचान की गई है। स. बैंस ने कहा, “अगले 10 दिनों के दौरान सभी विधायक और अधिकारी जी.वी.पी. खत्म करने के लिए हर दिन सुबह जमीनी स्तर पर निरीक्षण करेंगे। मैं स्वयं भी फील्ड में मौजूद रहूंगा।”
स. हरजोत बैंस ने नागरिकों को इस मिशन से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि यह महज सरकारी अभियान नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन है। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के सम्मान पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है कि हमारे गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण उनके प्रयास व्यर्थ न जाएं।
उन्होंने अमृतसर में सफाई अभियान के दौरान देर रात किए गए निरीक्षण का उल्लेख करते हुए सफाई सेवकों के सम्मान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सफाई सेवक किसी क्षेत्र को पूरी तरह साफ कर देते हैं, लेकिन कुछ समय बाद वहां फिर से कूड़ा फेंक दिया जाता है। स. बैंस ने कहा, “हमें अपने सफाई सेवकों का समर्थन करना चाहिए। यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है कि हमारे गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण उनके प्रयास व्यर्थ न जाएं।”
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने लोगों से एम-सेवा ऐप डाउनलोड करने, अपने क्षेत्रों में गारबेज वल्नरेबल प्वाइंट्स की तस्वीरें अपलोड करने तथा सफाई अभियान की निगरानी के लिए प्रत्येक शिकायत के लिए तैयार की गई विशिष्ट आई.डी. का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास के क्षेत्रों और मोहल्लों में सफाई गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने तथा इस अभियान को जन आंदोलन बनाने का भी आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “पूरे अभियान की एक समर्पित व्यवस्था के माध्यम से निगरानी की जाएगी। प्रत्येक नगर निगम और नगर परिषद में विशेष टीमों का गठन किया जाएगा, ताकि चिन्हित किए गए प्वाइंट्स का प्रभावी और समयबद्ध तरीके से निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।”





